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देहरादूनआशाओं ने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा

हिन्दुस्तान टीम,देहरादूनPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 08:20 PM
आशाओं ने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा

देहरादून। कार्यालय संवाददाता

आशा वर्करों ने सम्मान राशि, मानदेय और बीमा समेत अन्य लाभ देने की मांग को लेकर सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल की। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन से जुड़ी आशाओं ने अपनी मांगें उठाईं।

देहरादून समेत प्रदेश के हर जिले में आशा कार्यकर्ता हड़ताल पर रहीं। इस कारण कोरोना मरीजों को दवा बांटने, टीकाकरण और सर्विलांस का कार्य प्रभावित हुआ। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष शिवा दुबे की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल कचहरी पहुंचा। यहां कोविड नियमों के मद्देनजर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान को पीएम और सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कहा कि सरकार बार-बार आशा वर्करों की अनदेखी कर रही है। जबकि कोरोनाकाल में भी आशाएं पूरी तत्परता के साथ सेवाएं दे रही हैं। सम्मान राशि और बीमा की मांग पुरानी है। सरकार को इसपर तुरंत फैसला लेकर आशा वर्करों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। इस अवसर पर कोविड को देखते हुए प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर सुनीता चौहान, धर्मिष्ठा, आशा चौधरी, कलावती चंदोला, लोकेश देवी, नीरज यादव आदि उपस्थित थीं।

ये हैं प्रमुख मांगें

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आशाओं को 10, 000 सम्मान राशि देने की घोषणा की थी, उसे तत्काल अमल में लाया जाए।

आशाएं समस्त कार्य कर्मचारियों की तरह करती हैं। आशाओं को कर्मचारियों की भांति समस्त सुविधाएं और मानदेय दिया जाए।

आशा वर्करों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जाए।

आशा वर्कर की कार्य के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 लाख दिए जाएं। बीमार होने पर 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा हो।

कोरोना में जान जोखिम में डालकर आशाएं कार्य कर रही हैं, इनको सुरक्षा उपकरण, फ्रंटलाइन वर्कर की भांति सम्मान व मानदेय मिले।

45 और 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए।

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