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अब गैरसैंण राजधानी के लिए जलेगी मशाल, देहरादून में निकलेगा विशाल जुलूस

गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग को लेकर 20 से अधिक समाजिक संगठन एक जुट हुए हैं। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संगठन के बैनर तले ये लोग 17 फरवरी को गांधी पार्क से शहीद स्मारक तक मशाल जुलूस निकालेंगे।

गुरुवार को प्रेस क्लब में गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के समर्थन में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। विभिन्न संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड राज्य बनाने में यहां के लोगों ने अहम भूमिका निभाते हुए आंदोलन किया था। ठीक इसी प्रकार अब स्थाई राजधानी गैरसैंण को बनाने के लिए आंदोलन करने का समय आ गया है। इसी बजट सत्र में स्थाई राजधानी की घोषणा, गैरसैंण में सभी सत्रों को कराने, गांव से हो रहे पलायन के दृष्टिगत तथा बेरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य को देखते हुए इन लोगों ने गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग की।

संगठनों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि इस सत्र में गैरसैंण को राजधानी घोषित नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन की शुरूआत की जाएगी। प्रेस वार्ता में रघुबीर बिष्ट, रविंद्र जुगरान, सचिन थपलियाल, प्रदीप कुकरेती, पीसी थपलियाल, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, बीएस रावत, जगमोहन मेहंदीरत्ता, जयदीप सकलानी, पुष्कर नेगी, लुशुन टोडरिया, विजय बौड़ाई, कैलाश जोशी, ललित जोशी, महेंद्र रावल, लक्ष्मण सिंह रावत, बी पी मैंदोली, गणेश धामी, प्रकाश गौड़, जयकृत कंडवाल, सूरज गुसाईं, सूरज भट्ट आदि लोग मौजूद रहे.

ये संगठन हुए एकजुट

अलकनंदा पिंडर घाटी विकास समिति, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली विकास समिति, पर्वतीय विकास मंच, बद्री केदार विकास समिति, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच, अखिल गढ़वाल सभा, नैनीडांडा विकास समिति, उत्तराखंड रैफरी फुटबॉल एसोसिएशन, उत्तराखंड जनमंच, गढ़ सेना, आर्यन छात्र संगठन, विकास ग्रुप, प्राउड पहाड़ी संगठन, उत्तरांचल बैंक एसोसिएशन, नव भारत संघ, अपना परिवार, कूर्मांचल विकास परिषद्, पूर्व सैनिक /अर्ध सैनिक संगठन, ग्यारह गांव हिंदाव, डांडी कांठी क्लब, धाद संस्था, उत्तराखंड एकता मंच, मैती संस्था, उत्तराखंड नव निर्माण मंच, देहरादून फुटबॉल अकादमी, पीपुल्स फोरम उत्तराखंड आदि सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया है।

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  • Web Title:17th torch parade for making non-violence a permanent capital