‘सर आप संसद में आवाज उठाइए’… राहुल गांधी के सामने क्यों रो पड़े एक बेबस पिता?
राहुल गांधी के सामने एक नीट अभ्यर्थी के पिता फूट-फूटकर रो पड़े। छात्रा ने पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने इस दौरान छात्रा के पिता को संभाला।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को पेपर लीक को लेकर एकबार फिर सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ऊपर से लेकर नीचे तक पूरा एजुकेशन सिस्टम पेपर लीक में शामिल है। उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पेपर लीक पर छात्रों से बातचीत की।
राहुल गांधी ने इस दौरान कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली NEET अभ्यर्थी रिया थापा के पिता का दर्द सुना। पिता इस दौरान राहुल के सामने रोते नजर आए और मांग की कि इस सिस्टम को बदला जाए ताकि ऐसा किसी और बच्चे का साथ न हो। बच्ची के पिता ने बताया कि ‘उनकी बेटी एग्जाम देकर आई तो बहुत खुश थी मगर कुछ दिन बात उसे पता चला कि पेपर लीक हो गया है। इस दौरान वह काफी दुखी रहने लगी। वह कहती थी कि हम साल भर मेहनत करते हैं और फिर ये सब देखना पड़ता है। वह एग्जाम करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली से भी काफी नाखुश थी।’
पिता ने इस दौरान रोते हुए कहा कि ‘जो आज मेरे साथ और मेरी बेटी के साथ हुआ वो किसी दूसरे के साथ न हो इसके लिए शिक्षा प्रणाली को सरल बनाया जाए और सर आप संसद में आवाज उठाइए और सबको न्याय दिलाइए।’
राहुल गांधी ने पिता का दर्द सुनने के बाद क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक बेबस पिता की पूरी बात सुनने के बाद कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों से कहा 'हम आपको एक इमोशनल उदाहरण देना चाहते थे। ये कोई आसान काम नहीं था कि यहां आकर अपना दुख रखना और अपनी बेटी के बारे में बोलना। मगर जो इनके साथ हुआ है और उन्होंने बड़ी ही दिलचस्प बात बोली कि बेटी की मौत के बाद कोई मैसेज, चिट्ठी और माफी नहीं क्योंकि पूरा का पूरा सिस्टम पेपर लीक में शामिल है।
पेपर लीक पर सजा न मिलने पर भी भड़के
राहुल ने इस दौरान कहा कि 'भ्रष्ट सिस्टम' के वजह से पेपर लीक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई या फिर किसी को भी सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों पर किसी का भी 'नियंत्रण' नहीं होना चाहिए और यह स्वतंत्र होने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा 'वाइस चांसलर किसी एक संगठन से नहीं चाहिए। ठीक इसी तरह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का मुखिया किसी राजनीतिक दल से नहीं होना चाहिए।'
राहुल ने बताया - कौन करवा रहा पेपर लीक
उन्होंने कहा कि ‘पैसे और रसूख वाले एक फीसदी छात्र पेपर लीक करवा रहे हैं जिसका खामियाजा 99 फीसदी ईमानदार और गरीब छात्रों को भुगतना पड़ता है। पेपर लीक इस हद तक गहरी समस्या बन चुकी है है इसके लिए अलग-अलग परीक्षाओं के लिए मेन्यू कार्ड तक उपलब्ध है ठीक वैसे ही जैसे किसी रेस्टोरेंट में खाने का मेन्यू होता है।’
छात्रों के साथ हो रहे 4 अन्याय गिनाए
राहुल ने अपने संबोधन के दौरान छात्रों के साथ हो रहे 4 अन्याय भी गिनाए। उन्होंने कहा पहला अन्याय शिक्षा की लागत 9 लाख रुपये। दूसरा अन्याय पांच दरवाजों में से चार दरवाजे बंद। तीसरा अन्याय 150 बच्चों में से सिर्फ एक लड़का या लड़की सफलता हासिल कर सकते हैं। चौथा और सबसे गंदा अन्याय पेपर लीक का अन्याय।'
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