मालरोड होगा द्रोणाचार्य मार्ग, क्लेमेंटाउन कहलाएगा शौर्य नगर; देहरादून में इन इलाकों के नए नाम
गढ़ी कैंट बोर्ड की ओर से पारित प्रस्ताव जल्द मध्य कमान को भेजा जाएगा। इसमें प्रमुख सड़कों और जगहों का नाम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखने का सुझाव दिया गया है। माड रोड का नाम द्रोणाचार्य मार्ग रखने का प्रस्ताव है।

देहरादून में कई इलाकों के नाम बदले जा रहे हैं। गढ़ी कैंट क्षेत्र में अंग्रेजी शासन की याद दिलाने वाले नाम जल्द बदले जाएंगे। गढ़ी कैंट बोर्ड की ओर से पारित प्रस्ताव जल्द मध्य कमान को भेजा जाएगा। इसमें प्रमुख सड़कों और जगहों का नाम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखने का सुझाव दिया गया है। क्लेमेंटाउन के नए नाम शौर्य नगर का प्रस्ताव दिया गया है।
गढ़ी कैंट बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव के मुताबिक मालरोड का नाम द्रोणाचार्य मार्ग, यंग रोड का नाम मेजर सोमनाथा मार्ग, बीचर रोड का नाम मेजर धन सिंह थापा मार्ग, शेक्सपीयर रोड का नाम एनके भवानी मार्ग, मैकफेरसन रोड का नाम मेजर धन सिंह थापा मार्ग, मेसीनटायर रोड का नाम मेजर सोमनाथ मार्ग रखने का सुझाव दिया गया है।
न्यू कैंट रोड का नाम यथावत रहेगा। इसके अलावा विंग नंबर एक का नाम लाजपतनगर, विंग नंबर दो का नाम तिलकनगर, विंग नंबर तीन का नाम भगतनगर, विंग नंबर चार का नाम अंबेडकरनगर, विंग नंबर पांच का नाम अटल नगर, विंग नंबर छह का नाम पटेलनगर, विंग नंबर सात का नाम सरोजनीनगर, स्पेशल विंग का नाम विवेकानंद नगर, जनरल विंग का नाम सोमनाथनगर, स्मिथनगर का नाम जसवंत नगर रखने का सुझाव दिया है। नामित सदस्य विनोद पंवार ने बताया कि बोर्ड से पारित प्रस्ताव मध्य कमान को भेजा जाएगा। रक्षा मंत्रालय की मुहर लगने के बाद नाम बदल जाएंगे।
सड़क का निर्माण नहीं होने पर लोगों में नाराजगी
देहरादून। राजेश्वरीपुरम कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद से सड़क का निर्माण नहीं होने पर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। राजेश्वरीपुरम जनकल्याण आवासीय समिति ने संबंधित विभागों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बुधवार को राजेश्वरीपुरम जनकल्याण आवासीय समिति के अध्यक्ष डीपी देवराड़ी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधायक उमेश शर्मा से उनके आवास में मुलाकात की। बताया कि हरिद्वार रोड स्थित राजेश्वरीपुरम में सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी।
क्लेमनटाउन का नाम शौर्यनगर रखा जाएगा
क्लेमनटाउन कैन्ट बोर्ड की ओर से मंगलवार को बोर्ड बैठक आयोजित की गई। इसमें क्लेमनटाउन का नाम शौर्यनगर रखने पर सहमति बनी। प्रस्ताव पारित कर मध्य कमान को भेजा गया है। बैठक में शिवालिक नगर, दून वैली और शौर्य नगर समेत तीन नामों का सुझाव मिला था। नामित सदस्य भूपेंद्र कंडारी ने बताया कि केंद्र की मुहर लगने के बाद क्लेमनटाउन का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर शौर्यनगर कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि देशभर में ब्रिटिश कालीन नामों को बदलकर भारतीय संस्कृति और सैन्य परम्परा से जुड़े नाम दिए जा रहे हैं। क्लेमनटाउन का इतिहास बीसवीं सदी से जुड़ा हुआ है।
यहां का नाम फादर आरसी क्लेमेन्ट के नाम से पड़ा था। जो 1934 में यहां बसे थे। छावनी परिषद के मुताबिक यहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस इलाके का उपयोग इतालवी युद्ध बंदियों के शिविर के रूप में किया गया था। 1941 में इसे छावनी बोर्ड के अंतर्गत लाया गया।
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