पार्टी, टॉर्चर और 65 KM दूर जंगल में लाश दफन; देहरादून के दिगंबर हत्याकांड में दोस्त बने थे 'जल्लाद'
देहरादून में बीते नौ फरवरी को हुए दिगंबर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मर्डर मिस्ट्री में शराब पार्टी, टॉर्चर और ढाई लाख उधारी का मामला सामने आया है। दोस्तों ने 65 किलोमीटर दूर जंगल में लाश दफन की थी।

Digambar Dhiman Murder: राजधानी देहरादून के पॉश इलाके रेसकोर्स में जेल की दोस्ती के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। उधारी के ढाई लाख रुपये वसूलने के लिए तीन दोस्तों ने अपने ही साथी दिगंबर धीमान को पार्टी के बहाने घर बुलाया और नशे की हालत में उस पर हथौड़ों और लोहे की रॉड से घंटों 'थर्ड डिग्री टॉर्चर' किया। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दिगंबर के जेल में रहने के दौरान हत्यारोपियों की उससे दोस्ती हुई थी।
ढाई लाख रुपये की उधारी न चुकाने पर किए जा रहे टार्चर के दौरान बसंत विहार निवासी दिगंबर की हत्या हो गई थी। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेस वार्ता में दिगंबर हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शास्त्री नगर निवासी संतराम धीमान ने बीते 11 फरवरी को बसंत विहार थाने में अपने बेटे दिगंबर धीमान के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
बताया कि नौ फरवरी को उनका बेटा देहरादून कोर्ट में अपने खिलाफ चल रहे पॉक्सो केस की तारीख पर गया था। कोर्ट से सुनवाई की अगली तारीख मिलने पर वह वहां से निकला और लापता हो गया। पुलिस ने जांच शुरू की तो एक टैक्सी चालक दिगंबर के जाने के रूट पर मिला। 17 फरवरी को पुलिस ने टैक्सी चालक राजनंदन निवासी न्यू पटेलनगर को गिरफ्तार किया।
देहरादून में मर्डर और हरिद्वार में दफनाया शव
उससे पता लगा कि नौ फरवरी की रात हत्यारोपियों में शामिल हेमंत ने उसकी टैक्सी बुलाई। 15 हजार रुपये देकर रेसकोर्स से शव ठिकाने लगाने को 65 किलोमीटर दूर हरिद्वार जिले के चिड़ियापुर के जंगल में ले गए। शव को वहां नहर के पास जंगल में मिट्टी में दबाकर वापस आ गए। तब मामले में हत्या का केस दर्ज हुआ। चूंकि, हत्या रेसकोर्स में हुई। इसलिए केस भी बसंत विहार से नेहरू कॉलोनी थाने ट्रांसफर हुआ। एसएसपी डोबाल ने बताया कि रविवार को आईएसबीटी के पास से हत्यारोपी हेमंत कुमार (37), आदिल (38) और वैभव भट्ट (25) निवासी नई बस्ती, सी ब्लॉक रेसकोर्स को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि दिगंबर से जेल में उनकी दोस्ती हुई।
एक महीने पहले दिए ढाई लाख रुपये
करीब एक महीने पहले हेमंत ने दिगंबर को ढाई लाख रुपये उधार दिए थे। इस रकम में से कुछ उसने आदिल और वैभव से ली थी। रकम लेते वक्त दिगंबर ने चार-पांच दिन में लौटाने को कहा। पुलिस के मुताबिक रकम लौटाने के बजाए दिगंबर ने हेमंत या उसके साथियों का फोन उठाना बंद कर दिया। तीनों को पता लगा कि दिगंबर की नौ फरवरी को कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट ने निकलने के बाद दिगंबर ने हेमंत का फोन उठा लिया। तब उसे हेमंत ने नई बस्ती स्थित अपने घर में पार्टी के बहाने बुलाया। यहां चारों ने शराब पी। शराब का नशा होने पर हेमंत, आदिल और वैभव ने अपनी रकम लेने के लिए दिगंबर का उत्पीड़न शुरू कर दिया। उसे लोहे की रॉड और हथौड़े से इतना मारा कि दिगंबर की जान चली गई।
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