देहरादून में धुंध का गुबार, मार्च की शुरुआत में पहली बार एक्यूआई 300 पार; तापमान 31 डिग्री

Gaurav Kala ओम प्रकाश सती, देहरादून, हिन्दुस्तान
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बदलते मौसम ने देहरादून की हवा गुणवत्ता खराब कर दी है। मार्च की शुरुआत में पहली बार एक्यूआई 300 पार पहुंच गया। तापमान 31 डिग्री तक पहुंच गया है। हालांकि पहाड़ों में अगले कुछ दिन बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी हुआ है।

देहरादून में धुंध का गुबार, मार्च की शुरुआत में पहली बार एक्यूआई 300 पार; तापमान 31 डिग्री

मौसम के बदलते मिजाज से देहरादून में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। 2022 से अब तक मार्च के पहले सप्ताह में पहली बार शहर का एक्यूआई 300 के पार पहुंचा है। इससे लोगों को प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है। पिछले तीन-चार दिनों से धुंध और हवा की गति कम होना इसके पीछे की मुख्य वजह बताई जा रही है। राजधानी में दिन में पारा 31 डिग्री तक पहुंचने से हो रही गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंड के कारण लोग वायरल इंफेक्शन, सर्दी-खांसी और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। मौसम की लुका-छिपी के बीच ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी हुआ है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के पांच पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

दून विश्वविद्यालय में लगे रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार, शनिवार, रविवार व सोमवार शाम एक्यूआई का स्तर 300 पार दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में आता है। बुधवार तक यह 90 से 100 के बीच था। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में नमी और हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो गए हैं। इसके चलते कई इलाकों में धुंध जैसी स्थिति भी देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार हवा का ठहराव और तापमान में उतार-चढ़ाव प्रदूषण बढ़ने की वजह है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इससे दिक्कत हो सकती हैं। डॉ. विजय श्रीधर के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से पश्चिमी विक्षोभ में गड़बड़ी के कारण वातावरण में धुंध छाई हुई है। इसके साथ हवा की गति बहुत कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में ही ठहर जा रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में इस दौरान तेज हवा चलने से प्रदूषण कम होता था। 2022 से पहले भी मार्च के पहले सप्ताह में एक्यूआई कभी तीन सौ के पार न पहुंचने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं। हालांकि 2022 से पहले दून में प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग नहीं होती थी।

प्रदूषक कण का भी बदला मिजाज

पिछले सालों के मुकाबले इस बार मार्च में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पहली बार एक नया ट्रेंड भी सामने आया है। इस बार वातावरण में पीएम 2.5 यानी अत्यधिक छोटे कण ज्यादा हैं, जो की सीधे सांस में जाकर ज्यादा नुकसान करते हैं। जबकि पिछले सालों में पीएम 10 यानी बड़े कण सबसे ज्यादा होते थे, जो कम नुकसान करते हैं।

जंगल की आग और कूड़ा जलना भी वजह

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि दून के आसपास के क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग से उठने वाला धुआं भी वातावरण में फैलकर बड़े हवा को दूषित कर रहा है। इसके अलावा होली के बाद शहर में कूड़ा जलाने की शिकायतें भी मिल रही हैं। इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है।

मार्च पहले सप्ताह में अधिकतम एक्यूआई

मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 में अधिकतम AQI 100 दर्ज किया गया था, जो 2023 में थोड़ा घटकर 98 रहा। इसके बाद 2024 में यह बढ़कर 117 तक पहुंच गया, जबकि 2025 में इसमें उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम AQI 81 पर आ गया।

हर तीसरा मरीज बुखार से पीड़ित

ऋषिकेश। उप जिला अस्पताल ऋषिकेश की ओपीडी में मंगलवार को हर तीसरा मरीज बुखार के साथ पेट दर्द, खांसी व कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचा। सीएमएस डॉ. केएस राणा ने बताया कि इन दिनों वायरल के मरीज अधिक आ रहे हैं। उनका ब्लड टेस्ट भी कराया जा रहा है।

बच्चे भी पड़ रहे बीमार

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आयशा इमरान और डॉ. विशाल कौशिक ने आगाह किया है कि बदलते मौसम में बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। सर्दी-जुकाम के साथ बच्चों में डायरिया और छोटे बच्चों में सांस लेने में कठिनाई देखी जा रही है। ऐसी समस्या पर तुरंत अस्पताल जाएं। डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को ताजा और हल्का खाना दें, पर्याप्त मात्रा में पानी और फल खिलाएं।

देहरादून में छाया धुंध का गुबार

मंगलवार को राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे। हालांकि, बीच-बीच में धूप भी निकली, लेकिन आसमान में धुंध का गुबार छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। डॉ. तोमर ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक अधिकतम तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद पारे में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे हल्की ठंड का अहसास बढ़ सकता है। दून में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात का तापमान भी सामान्य से नौ डिग्री ज्यादा 20.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

मौसम के बदलते मिजाज ने बिगाड़ी लोगों की सेहत

राजधानी में दिन में पारा 31 डिग्री तक पहुंचने से हो रही गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंड के कारण लोग वायरल इंफेक्शन, सर्दी-खांसी और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। शहर के प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों का तांता लगा हुआ है। मंगलवार को दून अस्पताल की ओपीडी 2408 रही। दून अस्पताल के पंजीकरण प्रभारी विनोद नैनवाल के अनुसार, सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन विभाग में हैं, जहां रोजाना 420 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी. कौल और डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि मौसम में बदलाव से फ्लू के मामले बढ़े हैं। मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द की शिकायतें मिल रही हैं। बुखार को ठीक होने में पांच से सात दिन का समय लग रहा है।

पांच जिलों में हल्की बारिश के आसार, अलर्ट जारी

उत्तराखंड में मौसम की लुका-छिपी के बीच विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के पांच पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी इलाकों में फिलहाल तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना है। 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

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