देहरादून में पुरानी कूड़ा डंपिंग साइट में आग, जहरीले धुएं से लोगों का दम घुटा
देहरादून के कारगी में पुरानी डंपिंग साइट पर अज्ञात तत्वों द्वारा आग लगाने से क्षेत्र में जहरीला धुआं फैल गया, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

देहरादून नगर निगम के कारगी में नेशनल हाईवे के किनारे स्थित पुरानी कूड़ा डंपिंग साइट पर गुरुवार दोपहर कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी। यहां लंबे समय से डम्प थर्मोकोल और पुराने डम्प सूखे कूड़े में आग भड़कने के कारण आबादी क्षेत्र में जहरीला धुआं उठने से आसपास रहने वाले लोगों का दम घुटने लगा। आग और धुएं से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात करीब एक बजे तक निगम, फायर ब्रिगेड, पुलिस की टीम कड़ी मशक्कत कर आग बुझाने में जुटी थी।
कई सालों से किया जा रहा कूड़ा डम्प
गौरतलब है कि कारगी क्षेत्र में नगर निगम के सौ वार्डों का कूड़ा कई सालों से डम्प किया जा रहा है। पहले कई सालों तक पेट्रोल पम्प के बगल में कूड़ा डम्प होता रहा। लेकिन यहां आसपास रहने वाली करीब 25 हजार आबादी को कूड़े की दुर्गन्ध के कारण कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई बार डंपिंग साइट शिफ्ट करने के लिए प्रदर्शन किए गए।
केस हुआ दर्ज
इसके बाद कुछ माह पूर्व स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने मैकेनाइज्ड कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण जैसे तैसे पूरा किया। लेकिन इसमें भी कई बाधाएं आई। जितना सम्भव हो सका, उतना कूड़ा कैप्सूल बनाकर सेलाकुई शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट तक भेजा जा रहा है। लेकिन हाईवे के किनारे पेट्रोल पम्प से सटी डंपिंग साइट पर निर्माण कार्यों के चलते पूरा कूड़ा प्लांट नहीं भेजा जा सका। यहां डम्प थर्मोकोल और पुराने कपड़ों के अलावा सूखे कूड़े में गुरुवार दोपहर कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना ने बताया कि निगम की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
स्वच्छ वायु कार्यक्रम के दावों की खुली पोल
नगर निगम की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से दून शहर के बीचोंबीच पुराने डम्प कूड़े में आग लगने की घटना हुई है, उससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि ठीक बगल में पेट्रोल पंप है।
सिटीजन फोरम के कार्यक्रम में उठा था मुद्दा
दून लाइब्रेरी सभगार में हाल ही आयोजित कार्यक्रम में दून शहर में आए दिन कूड़े में आग लगाने को लेकर वक्ताओं ने चिंता जाहिर की थी। सभी वक्ताओं ने इसे लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक बताया और तत्काल कूड़ा जलाने पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई। लेकिन चंद घन्टों के बाद इतनी बड़ी घटना हो गई। हैरानी की बात है कि दिन में हुई घटना को लेकर निगम ने देर शाम जानकारी साझा कि। पुलिस प्रशासन को भी देरी से सूचना दी गई।
सिविल डिफेंस के सेक्टर वार्डन सागर मलिक ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे कूड़े के ढेर में आग लगने की सूचना मिली थी। करीब ढाई बजे मौके पर पहुंचे। करीब दस गाड़ी फायर ब्रिगेड की रात साढ़े दस बजे तक पहुंच चुकी थी। नगर निगम की जेसीबी भी आई। नशा करने वालों द्वारा आग लगाने की आशंका भी जताई जा रही है। देर रात 12: 45 बजे तक पूरी तरह आग नहीं बुझ पाई थी।
विवादों में रहा है मामला
नगर निगम की पुरानी डंपिंग साइट पर लंबे समय से कुछ लोग मालिकाना हक का दावा कर रहे हैं। पहले भी यह प्रकरण काफी चर्चाओं में रहा है। बड़ा सवाल यह भी है कि यहां पहले भी कई बार कूड़ा प्लांट भेजने के लिए अनुबन्धित सफाई वाहन मालिक हड़ताल कर चुके हैं। लेनदेन के विवाद होते रहे हैं। लेकिन लंबे समय से यह दावा किया जा रहा था कि मैकेनाइज्ड कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन बनने के बाद व्यवस्था बिल्कुल ठीक हो चुकी है। मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल भी डंपिंग साइट का दौरा करते रहे हैं। ऐसे में एकाएक कूड़ा जलने की घटना से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

लेखक के बारे में
Anubhav Shakyaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




