पानी पर झगड़ा सिर्फ बहाना था; देहरादून में भाजपा नेता के कत्ल के पीछे का असली सच
देहरादून में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के पीछे की वजह सिर्फ पानी वाला झगड़ा नहीं था। विनोद के भाई राजेश के अनुसार, पानी वाला विवाद सिर्फ साजिश थी, असली वजह पुरानी रंजिश थी।

देहरादून के बैरागीवाला में भाजपा नेता की हत्या के बाद भारी बवाल हुआ। दोषियों की गिरफ्तारी में देरी से भड़के लोगों ने दो हत्यारोपियों के घरों को फूंक दिया। हालात बेकाबू होते देखकर प्रशासन ने एक हत्यारोपी के मकान और दो दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। भीड़ से पुलिस की कई बार झड़पें हुईं। लोगों ने पुलिस पर दो बार पथराव किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।
भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के पीछे सिर्फ सिंचाई के पानी को लेकर हुआ विवाद ही अकेली वजह नहीं थी। दोनों परिवारों के बीच करीब दस वर्षों से चली आ रही सियासी प्रतिद्वंद्विता व रुपये के लेनदेन का विवाद भी प्रमुख कारणों के रूप में सामने आ रहा है।
चुनाव में विनोद के खिलाफ मुख्य आरोपी की भतीजी भी थी
मृतक के भाई राजेश कुमार ने रविवार को ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि करीब दस वर्ष पहले उनके भाई विनोद कश्यप ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में मुख्य आरोपी मासूम की भतीजी भी मैदान में थी, जो तक जीती भी थी। इसके बाद हुए पंचायत चुनाव में विनोद के दूसरे भाई अशोक कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर प्रत्याशी के रूप में उतरे। इस चुनाव में भी आरोपी परिवार का एक सदस्य प्रत्याशी था।
17 हजार का बकाया
राजेश के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चुनावी प्रतिस्पर्धा और रंजिश का माहौल बना हुआ था। उन्होंने बताया कि विनोद पहले विकासनगर के एक निजी शिक्षण संस्थान में शिक्षक थे, लेकिन करीब दो वर्ष पहले उन्होंने नौकरी छोड़कर कैटरिंग का व्यवसाय शुरू कर दिया था। राजेश का आरोप है कि मुख्य आरोपी मासूम के मकान में हुए एक कार्यक्रम के लिए उनके भाई ने कैटरिंग का सामान उपलब्ध कराया था। इसके 17 हजार रुपये अभी तक मासूम पर बकाया थे। चार दिन पहले विनोद ने मासूम से अपने रुपये मांगे थे, जिस पर दोनों पक्षों में तनातनी हुई थी।
पानी पर विवाद सिर्फ साजिश थी
राजेश का आरोप है कि शनिवार को आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनके घर के सामने पहुंचकर सिंचाई के पानी को लेकर विवाद शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों को बुलाकर हमारे परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उनका दावा है कि हमलावरों का मुख्य निशाना शुरू से ही विनोद थे। राजेश का आरोप है कि कई लोगों ने मिलकर विनोद पर लाठी, डंडे, बेलचे और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। उधर, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की सभी संभावित वजहों को जांच के दायरे में लेकर साक्ष्य जुटा रही है।
विनोद के परिवार पर दुखों का पहाड़
विनोद कश्यप की हत्या से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विनोद की असमय मौत से उनके दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के भाई राजेश कुमार ने बताया कि विनोद अपनी पत्नी निधि और बच्चों के साथ गांव में ही एक अलग मकान में रहते थे। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। सबसे मार्मिक बात यह है कि परिजनों ने अभी तक विनोद की पत्नी और बच्चों को उनकी मौत की सच्चाई नहीं बताई है।
दो मासूमों के सिर से पिता का साया उठा
परिवार के लोग पत्नी और बच्चों को यही बता रहे हैं कि विनोद घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पत्नी बार-बार अपने पति की हालत के बारे में पूछ रही है, लेकिन परिजन उसे संभालते हुए सच्चाई छिपा रहे हैं। घर का माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है। 11 साल के बेटे और सात साल की बेटी अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनका पिता अब कभी वापस नहीं आएगा। विनोद का बड़ा बेटा 11 साल का है, जबकि बेटी मात्र सात साल की है।
माता-पिता को संभालना हुआ मुश्किल
विनोद के 76 वर्षीय पिता भगवंत कुमार व 70 वर्षीय माता दयावती को संभालना परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा है। दोनों अपने बेटे की मौत के गम में बार बार बेहोश हो रहे हैं। अशोक ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर शारीरिक तौर पर कमजोर माता-पिता को बेटे की मौत ने मानसिक तौर पर भी झटका दिया है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस दर्दनाक घटना को लेकर गहरा दुख जता रहे हैं।
भाई बोला-सभी आरोपियों को हो फांसी की सजा
मृतक के दोनों छोटे भाई राजेश और अशोक भी हमले में घायल हुए थे। दोनों को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि राजेश के सिर पर काफी चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि घर में बुजुर्ग माता-पिता और मृतक के बीवी- बच्चों को संभालने के लिए जबरदस्ती अस्पताल से छुट्टी ली है। उन्होंने कहा कि बड़े भाई की मौत के लिए जिम्मेदार आरोपियों के पूरे कुनबे को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
रिपोर्ट- राकेश खत्री
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