
इसे क्या पढ़ना; ऐसा क्या लिखा था, CM धामी हो गए नाराज, गुस्से में फेंक दी पर्ची
संक्षेप: नैनीताल के भुजियाघाट स्थित एक संस्थान के कार्यक्रम में मंच से भाषण देते समय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अलग अंदाज देखने को मिला। जिसे वहां मौजूद कुछ लोग उनका गुस्सा मान रहे हैं, तो कई लोग उसे तंज के तौर पर देख रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शायद ही आपने गुस्से या नाराजगी भरे स्वर में बोलते हुए सुना होगा। आमतौर पर सौम्य और सरल अंदाज के लिए जाने जाने वाले सीएम धामी का आज गुस्से वाला अवतार देखने को मिला। नैनीताल में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम नाराज हो गए। भाषण के दौरान मंच से ऐसी नाराजगी कि उन्होंने हाथ में ली हुई पर्ची भी फेंक दी। कहा- इसे क्या पढ़ना।

नैनीताल के भुजियाघाट स्थित एक संस्थान के कार्यक्रम में मंच से भाषण देते समय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का अलग अंदाज देखने को मिला। जिसे वहां मौजूद कुछ लोग उनका गुस्सा मान रहे हैं, तो कई लोग उसे तंज के तौर पर देख रहे हैं। दरअसल, सीएम जब मंच से अतिथियों का नाम ले रहे थे, तो इस बीच उन्होंने नामों की पर्ची को ये कहकर हवा में उछाल दिया, कि वैसे भी इसको पढ़ना ही क्या है, इसे फेंक ही देते हैं।
अपने भाषण के दौरान सीएम ने एक-एक कर पर्ची से अतिथियों का नाम पढ़ना शुरू किया। पर्ची में नैनीताल भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम प्रताप बिष्ट की जगह प्रदीप लिखा हुआ था। पहले तो सीएम ने जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ही पढ़ा, लेकिन इस भूल की भनक लगते ही उन्होंने आयोजकों की ओर देखकर कहा कि ये गलत लिखा है। इसके बाद सीएम ने दो नाम और पढ़े और पर्ची को फेंक दिया। भीड़ में शामिल लोगों को पहचानते हुए सीएम ने कई और नाम लिए और कहा कि कागज छोड़ दिया तो और ज्यादा नाम लोगों के आ गए। इस वाक्ये के दौरान लोगों ने खूब तालियां भी बजाईं।

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