उत्तराखंड में भी चलते-चलते ई-रिक्शा बंद, चाइनीज ऐप 'BAT BMS' की हैकिंग से कैसे बचें
BAT BMS Hack E-Rickshaw: चाइनीज ऐप 'BAT BMS' की हैकिंग से जुड़े मामले उत्तराखंड में भी अछूते नहीं हैं। यहां 400 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। कइयों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

BAT BMS Hack E-Rickshaw: उत्तराखंड सहित देश के कई शहरों में इनदिनों ई-रिक्शा चलते-चलते बंद हो जा रहे हैं। खासकर ई-रिक्शा संचालकों में ईवी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को कंट्रोल करने वाले मोबाइल ऐप के गलत इस्तेमाल से दहशत है। ‘बीएटी बीएमएस’ नाम के चाइनीज मोबाइल ऐप ने उनकी नींद उड़ा रखी है। शरारती तत्व इस ऐप के जरिए राह चलते ई-रिक्शा की बैटरी पर टेक्निकल अटैक कर रहे हैं। इससे ई-रिक्शा के पहिए थम जा रहे हैं। हल्द्वानी में अब तक 400 से अधिक ई-रिक्शा के साथ यह घटना घट चुकी है। रामनगर में गुरुवार को ई-रिक्शा संचालकों ने थाने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग उठाई।
ऐसे किया जा रहा ऐप का दुरुपयोग
ई-रिक्शा में लिथियम-आयन बैटरी की देखरेख के लिए एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) डिवाइस लगा होता है। यह ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल से कनेक्ट हो जाता है। इसके जरिए वाहन चालक बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान, करंट आदि की निगरानी कर सकते हैं। ज्यादातर सस्ते ई-रिक्शा में चाइनीज बीएमएस लगा है, जिसे ब्लूटूथ से कनेक्ट करने के लिए कोई सिक्योरिटी फीचर नहीं है। इसका फायदा उठाकर शरारती तत्व ऐप का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इनके साथ घटी घटना
हल्द्वानी में ई-रिक्शा डीलर एवं ई-रिक्शा यूनियन की संगठन मंत्री उर्वशी बोरा ने बताया कि दो दिन में करीब साढ़े चार सौ चालकों की शिकायत आई हैं। हल्द्वानी में चालक राजेंद्र बिनवाल का ई-रिक्शा आईटीआई रोड, कुलदीप बोरा का रामपुर रोड जंगल, जोगेंद्र चौहान का तिकोनिया, संतोष का जगदंबा नगर, नीरज कश्यप का कालाढूंगी रोड पर बंद हो गया। अचानक वाहन रुकने से हादसे का खतरा है।
इस तरह हो रहा मोबाइल ऐप का दुरुपयोग
‘बीएटी बीएमएस’ चीनी ऐप है। जैसे ही कोई ई-रिक्शा शरारती तत्वों के 10 से 15 मीटर के दायरे में आता है, यह ऐप बिना अनुमति के रिक्शा के बीएमएस से कनेक्ट हो जाता है। ऐप के जरिए बैटरी के डिस्चार्ज स्विच को बंद कर दिया जाता है। इससे मोटर को मिलने वाली पावर सप्लाई रुक जाती है।
एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल ने कहा कि अगर शिकायत मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी चलते वाहन को जानबूझकर रोकना कानूनी रूप से अपराध है। इस तरह से टूल का गलत उपयोग पर आईटी ऐक्ट में भी कार्रवाई का प्रावधान है।
रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन
पीरूमदारा और रामनगर में संचालित होने वाले ई-रिक्शा के चलते हुए हैक करने का मामला सामने आया है। गुरुवार को 200 से अधिक ई-रिक्शा चालकों ने जीजीआईसी ग्राउंड में प्रदर्शन किया। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान के आश्वासन पर काम पर लौटे। बुधवार की रात 15 ई-रिक्शा को हैक कर लिया गया। देर रात ही लोग कोतवाली पहुंच कर कोतवाल सुशील कुमार से मिले। आरोप लगाया कि तीन युवक ई-रिक्शा को हैक कर रहे हैं। कोतवाल ने बताया कि कुछ युवकों से पूछताछ की गई। गुरुवार को फिर से हैक होने का मामला सामने आने पर चालकों ने प्रदर्शन किया। एसडीएम ने कहा कि पुलिस से कार्रवाई करने को कहा गया है।
सुरक्षा के उपाय
● चालक ब्लूटूथ को डिसेबल कर दें (बैटरी पर देर तक बटन दबाकर )
● पासवर्ड सेट करें (अगर बीएमएस सपोर्ट करता हो)।
● सिक्योरिटी वाली बैटरी प्रयोग।
● बीएमएस ऐप से फिर कनेक्ट करें।
अनजाने में अराजकता
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सड़क पर अव्यवस्था फैलाने वाले ई-रिक्शा चालकों को सबक सिखाने के नाम पर ऐप के इस्तेमाल के वीडियो साझा किए। इसके बाद देखते ही देखते कई अन्य लोग भी इसका प्रयोग करने लगे। संचालकों में दहशत का माहौल है।
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