Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़Chardham yatra Helicopters to Fly Only on copter Paths 30 percent Cut in Flights also
क्या हैं कॉप्टर-रूट्स, इस साल चारधाम में इसी मार्ग पर उड़ेंगे हेलिकॉप्टर, उड़ान में 30 प्रतिशत कटौती

क्या हैं कॉप्टर-रूट्स, इस साल चारधाम में इसी मार्ग पर उड़ेंगे हेलिकॉप्टर, उड़ान में 30 प्रतिशत कटौती

संक्षेप:

Chardham Heli Service: चारधाम हेली सेवाओं को मानवीय चूक के खतरे से मुक्त करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में पहली बार विशेष कॉप्टर-रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। इस साल हवाई सेवा में 30 प्रतिशत की कटौती भी शामिल है।

Feb 09, 2026 07:50 am ISTGaurav Kala विनोद मुसान, देहरादून
share Share
Follow Us on

Chardham Heli Service: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को इस वर्ष और अधिक सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नए दिशा-निर्देशों के तहत संचालित की जाएंगी। केदारघाटी सहित अन्य धामों के लिए हवाई यात्रा अब पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के साथ सख्त नियमों के दायरे में होगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने इसके लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

चारधाम हेली सेवाओं को मानवीय चूक के खतरे से मुक्त करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में पहली बार विशेष कॉप्टर-रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। भविष्य में सभी हेलीकॉप्टरों को इन्हीं तय कॉप्टर-रूट्स पर उड़ान भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही घाटी में उड़ान भरने वाले प्रत्येक हेलीकॉप्टर की लाइव लोकेशन ट्रैकिंग के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे पल-पल की निगरानी संभव हो सकेगी।

ये भी पढ़ें:चारधाम की सहायक सड़कें भी ऑल वेदर प्रोजेक्ट में बनेंगी, सरकार की बड़ी प्लानिंग
ये भी पढ़ें:शीतकालीन चारधाम यात्रा: कपाट बंद फिर भी कम नहीं उत्साह, इतने लोग कर चुके दर्शन
ये भी पढ़ें:चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी अब सेना के हाथ, चीन सीमा पर मजबूत होगी सुरक्षा

उड़ान में 30 प्रतिशत की कटौती

भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस बार हेलीकॉप्टर टिकटों की संख्या में 30 प्रतिशत तक कटौती का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सीमित संसाधनों के बीच सुरक्षित और नियंत्रित संचालन सुनिश्चित करना है।

क्या हैं कॉप्टर-रूट्स

कॉप्टर-रूट्स, हेलीकॉप्टरों के लिए विशेष रूप से निर्धारित उड़ान पथ होते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से घाटी वाले क्षेत्रों में विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत किया जाता है। ये रूट्स कम ऊंचाई पर सीमित हवाई क्षेत्रों से बचते हुए तय दिशाओं में सुरक्षित उड़ान के लिए डिजाइन किए जाते हैं, जिससे टकराव और दुर्घटना की आशंका कम होती है।

सख्ती: लाइसेंस के दायरे में आएंगे हेलीपोर्ट

सहस्रधारा, केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे प्रमुख हेलीपोर्टरों को अब डीजीसीए के लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क के तहत लाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रमुख हेलीपैडों पर पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (पीटीबी) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा, खराब मौसम या तकनीकी खराबी की स्थिति में सुरक्षित आपात लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर इमरजेंसी हेलीपैड भी विकसित किए जा रहे हैं।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।