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कोयाटी गांव में एक महीने से नल में नहीं टपका पानी

लोहाघाट के कोयाटी गांव के 40 परिवार गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीण दो किलोमीटर दूर गाड़ गधेरों से पानी ढोकर अपनी और मवेशियों की प्यास बुझा...

कोयाटी गांव में एक महीने से नल में नहीं टपका पानी
हिन्दुस्तान टीम,चम्पावतTue, 14 May 2024 09:45 PM
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लोहाघाट के कोयाटी गांव के 40 परिवार गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीण दो किलोमीटर दूर गाड़ गधेरों से पानी ढोकर अपनी और मवेशियों की प्यास बुझा रहे हैं। पानी नहीं आने का कारण पेयजल योजना का स्त्रोत सूखना है। ग्रामीणों ने शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
ग्राम प्रधान शिवराज सिंह बोहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेश बोहरा ने कहा कि करीब एक महीने से गांव की पेयजल योजना में एक बूंद पानी नहीं टपका। कहा कि वर्षों पूर्व पेयजल निगम की ओर से पाबै कोयाटी पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। लेकिन इस बार गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद पेयजल स्त्रोत सूख चुका है। इससे गांव में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्रामीणों को राहत देने के लिए विभाग ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक भी नहीं की है। कहा कि करीब दो किमी दूर से ग्रामीण गाड़ गधेरों व नौलों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। पानी के लिए ग्रामीण रात दिन नौलों में प्राकृतिक स्त्रोत पर डेरा जमाए हुए हैं। कोयाटी के इस गांव में 40 परिवारों के तीन सौ से अधिक लोग रहते हैं। ग्रामीण दीपा देवी, गोदावरी देवी, कमला देवी, महेश्वरी देवी, शिवराज सिंह, कैलाश सिंह, महेश सिंह ने बताया कि नौले में चार घंटे में एक बाल्टी पानी हो रहा है। इससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

कोयाटी गांव में दो बार बोरिंग की जा चुकी है। लेकिन पानी नहीं निकला। सूखे के कारण पानी का स्तर कम हो गया है। हम ग्रामीणों को वाहन के जरिए पानी देने का प्रयास करेंगे। नदी से पानी लिफ्ट करने का प्रस्ताव बना रहे हैं।

- नरेंद्र मोहन गड़कोटी, सहायक अभियंता, पेयजल निगम, लोहाघाट।

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