DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तराखंड › चम्पावत › खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं छात्र-छात्राएं
चम्पावत

खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं छात्र-छात्राएं

हिन्दुस्तान टीम,चम्पावतPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:01 PM
खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं छात्र-छात्राएं

चम्पावत जिले में छात्र-छात्राएं खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। दरअसल, जिले के 15 प्राथमिक विद्यालय खतरे की जद में हैं। इससे छात्र छात्राओं को दहशत के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को नया बनाने के लिए 3.15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव निदेशालय और केंद्र सरकार को भेजा है।

चम्पावत जिले में 15 प्राथमिक स्कूल जीर्णशीर्ण हाल में हैं। इस वजह से यहां अध्ययनरत छात्र छात्राएं खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इन विद्यालयों की दीवार और छतें खस्ताहाल हैं। यही वजह है कि इन स्कूलों को जीर्णशीर्ण श्रेणी में रखा गया है। जिले भर में प्राथमिक से लेकर इंटर तक कुल 679 स्कूल भवन हैं। इनमें 483 प्राथमिक, 91 जूनियर, 42 हाईस्कूल और 63 इंटरमीडिएट हैं। इनमें से 15 प्राथमिक स्कूल पूरी तरह से जीर्ण शीर्ण हाल में हैं। इनको नया बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने 3.15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव निदेशालय और केंद्र सरकार को भेजा है। योजना के तहत हर प्राथमिक स्कूल 21 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा। एक प्राथमिक स्कूल में दो कक्ष, एक प्रधानाध्यापक कक्ष और एक बरामदा बनाए जाने का प्रावधान है।

संबंधित खबरें