So is the body dominant in elections - तो क्या निकाय चुनाव में लगे कर्मचारियों पर हावी है खौफ! DA Image

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तो क्या निकाय चुनाव में लगे कर्मचारियों पर हावी है खौफ!

तो क्या निकाय चुनाव में लगे कर्मचारियों में खौफ हावी है! निर्वाचन के काम में लगे कार्मिक जिस तरह से ड्यूटी से बचने को तमाम हथकंडे अपना रहे हैं उसे देख कर तो यहीं लगता है। अब तक 15 कार्मिकों ने तमाम कारण बता कर चुनाव ड्यूटी से हटाने को मेडिकल बनाने का दावा पेश किया है।

इसे देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम एसएन पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। डीएम एसएन पांडेय ने बताया कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया निपटाने को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराने में कर्मचारियों का महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव में लगे कई कर्मचारी ड्यूटी से बचने को अनावश्यक मेडिकल पेश कर रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी को मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के बाद ही निर्वाचन के काम में लगे कर्मचारियों को ड्यूटी से अवमुक्त करने पर विचार किया जाएगा। नोडल अधिकारी कार्मिक डीडीओ आरसी तिवारी ने बताया कि कि जिले की चारों नगर निकायों के 38 बूथ में 18 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। हर बूथ में चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आठ टीम को रिजर्व में रखा गया है। इसके अलावा मतगणना के लिए अलग से कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि चुनाव में लगे किसी भी कर्मचारी को बिना किसी ठोस वजह के ड्यूटी से अवमुक्त नहीं किया जाएगा।

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  • Web Title:So is the body dominant in elections