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किरोड़ा नाले पर ब्रिज न बनने से ग्रामीणों में आक्रोश

किरोड़ा नाले पर ब्रिज न बनाए जाने से इससे प्रभावित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में आक्रोश पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी टनकपुर में आकर ब्रिज बनाने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी घोषणा हवा में झूल रही है।

बारिश के दिनों में पूर्णागिरि मार्ग पर पड़ने वाला किरोड़ा नाला उफान पर आने के बाद लोगों की जान का दुश्मन बन जाता है। अब तक नाले में वाहनों और पैदल लोगों के बहने की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अतिवृष्टि के दौरान तो कई दिनों तक ग्रामीणों का रास्ता बंद हो जाता है। ग्राम प्रधान सुन्दर सिंह बोहरा, पूर्व प्रधान सतीश पाण्डेय, किशन महर, पुष्कर सिंह, विपिन जोशी, मदन सिंह महर, कृष्णा महर आदि ने बताया कि थ्वालखेड़ा खेतखेड़ा, नायकगोठ के ग्रामीण लंबे समय से किरोड़ा नाले पर नायकगोठ स्थित तोल कांटे से थ्वालखेड़ा और खेतखेड़ा के बीच ब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी इस जायज मांग को अनसुना किया जा रहा है जबकि नाले में पानी का तेज बहाव होने पर अनहोनी के डर से लोगों की जान सांसत में आ जाती है। पूर्व प्रधान सतीश पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित विधायक कैलाश गहतोड़ी, तत्कालीन दर्जा मंत्री बीना महराना समेत कई लोग ब्रिज बनाने का आश्वासन दे चुके हैं। बावजूद इसके किसी ने अब तक जनता के साथ किए गए अपने वायदे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने जनहित को देखते हुए शीघ्र ब्रिज बनाने की मांग की है।

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  • Web Title:Resentment in the villagers not to build bridges on Kirodha Nullah