ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंड चम्पावतसात सड़कों के प्रस्ताव अलग-अलग स्तर पर लटके

सात सड़कों के प्रस्ताव अलग-अलग स्तर पर लटके

चम्पावत की सात सड़कों के प्रस्ताव कई स्तरों पर लटके हैं। इस वजह से सड़क निर्माण के कार्य में देरी हो रही है। सड़क नहीं बनने से हजारों की आबादी को...

सात सड़कों के प्रस्ताव अलग-अलग स्तर पर लटके
हिन्दुस्तान टीम,चम्पावतMon, 27 May 2024 09:30 PM
ऐप पर पढ़ें

चम्पावत की सात सड़कों के प्रस्ताव कई स्तरों पर लटके हैं। इस वजह से सड़क निर्माण के कार्य में देरी हो रही है। सड़क नहीं बनने से हजारों की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चम्पावत लोनिवि खंड ने सड़कों के 14 प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें से सात प्रस्ताव अलग-अलग स्तरों पर लटके हैं। आठ किमी लंबी मंच-बकोड़ा, तीन किमी लंबी तामली-गढ़मुक्तेश्वर, चार किमी लंबी चतुरकोट-कफल्टा और नौ किमी लंबी बिनवालगांव-कलियाधुरा सड़क के प्रस्ताव यूजर एजेंसी में अटके हैं। साढ़े छह किमी लंबी मंच-बकोरा व तीन किमी लंबी बिरमोला-रायल सड़क के प्रस्ताव भारत सरकार के रिजनल ऑफिस में लटके हैं। धूनाघाट-रीठासाहिब सड़क से दूबड़ गांव तक ढाई किमी लंबी सड़क डीएफओ स्तर पर लंबित हैं। जबकि चार किमी लंबी बसौटी-रौकुंवर सड़क नोडल स्तर पर अटकी है। इन सड़कों के प्रस्ताव अलग-अलग स्तरों पर लंबित होने से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। अलबत्ता दो किमी लंबी धूनाघाट-बसौट सड़क, पांच किमी लंबी दूयरी-चल्थी, सवा किमी लंबी मझेड़ा-डाबरी और तवामोड़-कोट अमोड़ी सड़क को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।

चम्पावत डिवीजन की सात सड़कों के प्रस्ताव अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं। इन लंबित प्रस्तावों को निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। चार सड़कों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।

अनुपम राय, सहायक अभियंता, लोनिवि चम्पावत।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।