
गोपेश्वर में पीने के पानी का संकट बढ़ा
संक्षेप: चमोली जिले के गोपेश्वर में पेयजल संकट बढ़ रहा है, जहां 20,000 लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। लोग दूरस्थ नदियों से पानी लाने को मजबूर हैं। जल निगम और जल संस्थान के बीच समन्वय की कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। अधिकारियों के आवास वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों में रोष है।
चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के बड़े हिस्से में करीब 20 हजार की आबादी पिछले कई दिनों से पानी के लिए तरस रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोग प्राकृतिक स्रोतों और दूरस्थ नदियों की ओर बर्तनों के साथ पानी भरने को मजबूर हैं। गोपेश्वर में अधिकांश आपूर्ति अमृत गंगा पेयजल योजना से होती है। जल निगम ने 11 नवंबर को इस लाइन के सुधारीकरण का कार्य शुरू कर दिया, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के। जल निगम और जल संस्थान के बीच समन्वय न होने के कारण स्थिति और खराब हो गई।

जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने सोशल मीडिया के जरिए केवल कार्य प्रगति की जानकारी दी, जबकि जल निगम के अधिकारी न तो फोन पर उपलब्ध हुए और न ही स्थल पर दिखाई दिए। शहर में पानी की भारी कमी के कारण लोग जगह-जगह भटक रहे हैं। कई परिवार वाहन से नदियों तक जाकर पानी भरने को विवश हैं। लोगों का आरोप है कि जिस क्षेत्र में आम जनता रहती है, वहीं पानी की भारी किल्लत है। जबकि अफसरों के आवास वाले इलाकों में पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अरुण गुप्ता ने बताया कि अमृत गंगा पेयजल लाइन पर जल निगम द्वारा सुधारीकरण का कार्य चल रहा है और कार्य पूरा होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




