
रानों, बमोथ व करछुना में पांडव लीला की तैयारियां शुरू
चमोली जनपद के रानों, बमोथ और करछुना में पांडव लीला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रानों में 18 दिसंबर से पांडव लीला होगी। 21 दिसंबर को पांडवों के अस्त्र शस्त्र आएंगे। बमोथ और करछुना में 30 दिसंबर से कार्यक्रम होगा। 11 दिवसीय पांडव लीला 9 जनवरी को प्रसाद वितरण के साथ समाप्त होगी।
जनपद चमोली के रानों, बमोथ व करछुना में आयोजित होने वाले पांडव लीला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पांडवों के पुराने बस्त्रों के स्थान पर नये पोशाकें बनाई जा रही हैं। रानों गांव में 18 दिसंबर से पांडव लीला शुरू होगी। पांडव लीला समिति रानों के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी व बीरेंद्र भंडारी ने बताया कि चौथे दिन 21 दिसंबर को पांडवों के अस्त्र शस्त्र आयेंगे। बमोथ और करछुना गांव में भी 30 दिसंबर से पांडव लीला होगी। पांडव लीला समिति बमोथ के अध्यक्ष प्रीतम ठाकुर और करछुना के अध्यक्ष कुशाल नेगी ने बताया कि हर तीसरे साल में आयोजित होने वाले पांडव नृत्य के प्रति ग्रामीणों में खाशा उत्साह दिखाई दे रहा है।
बमोथ में 30 दिसंबर को भूमियाल रावल व लाटू देवता के पूजन के साथ पांडव चौक में हनुमान ध्वज विधि विधान व पूजा अर्चना के साथ स्थापित किया जायेगा। एक जनवरी को नारायण मंदिर से पांडवों के अस्त्र शस्त्र (बाण) को पांडव चौक में लाकर स्नान, सकलीकरण पूजन श्रृंगार किया जायेगा। चार जनवरी को सांवल वृक्ष का आगमन, पांच जनवरी को राजसूय यज्ञ एवं शिशुपाल वध लीला का आयोजन तथा छह जनवरी को द्रौपदी चीरहरण एवं पांडवों का वनवास और सात जनवरी को सेरा कौतिक चक्रव्यूह विशाल आयोजन किया जाएगा। आठ जनवरी को जल यात्रा व अस्त्र-शास्त्र का अपने मूल स्थान नारायण मंदिर में विराजमान होकर नौ जनवरी को प्रसाद वितरण के साथ 11 दिवसीय पांडव लीला संपन्न हो जायेगी।

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