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1 अगस्त, 2020|8:06|IST

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सिंचाई नहर नहीं कैसे होगी धान को रोपाई

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पोखरी विकास खंड की सलना-जौरासी सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण धान की रोपाई नहीं कर पाए हैं। सिंचाई के लिये जब खेतों में पानी नहीं मिला तो ग्रामीणों ने खेतों में मंडुवा बो दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर की मरम्मत का काम तुरन्त शुरू होना चाहिए, जिससे अगले साल लोग समय पर धान की तैयारी कर सकें।

सलना जौरासी सिंचाई नहर से खेतों की सिंचाई करने वाले ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भेजा है। जिसमें कहा है कि करीब 50 साल पहले विभाग ने यह नहर बनाई थी। तब से जौरासी और कांडाई के ग्रामीण गांव के नीचे दैत तोक में धान की रोपाई करते आये हैं। लेकिन तीन साल पहले आपदा में यह नहर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन नहर की मरम्मत नहीं हो पाई है। उनको अपने खेतों में धान की जगह मंडुवा बोना पड़ा है। ज्ञापन देने वालों में यतेंद्र भण्डारी, नागेंद्र भण्डारी, गब्बर लाल, भादू लाल, राजेन्द्र सिंह, रघुवीर सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।

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  • Web Title:How will the irrigation canal not be planted with paddy