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गोपेश्वर में जीएमवीएन कर्मियों का सांकेतिक धरना

गोपेश्वर में जीएमवीएन कर्मियों का सांकेतिक धरना

कुमाऊंऔर गढ़वाल मंडल विकास निगम के संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी चमोली के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। गढवाल मंडल विकास निगम के कर्मचारियों ने गुरुवार को यात्री विश्राम गृह, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी सभी को दो घंटे तक बंद रख कर अपना विरोध दर्ज किया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम को अपनी नो सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कर्मचारियों का कहना है कि गढ़वाल मंडल विकास निगम के माध्यम से संचालित पर्यटन आवास गृह को पीपीपी मोड में दिये जाने का सरकार मन बना रही है, जिसका विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि एक ओर सरकार कई विभागों में कर्मचारियों का सेवा विस्तार कर रही है जबकि गढ़वाल मंडल के 23 कर्मचारियों को जबरन अनिवार्य सेवानिवृत्ति कर रही है। साथ संविदा कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिये जाने की बात दूर उन्हें नो माह से अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने आर्थिकी का संकट पैदा हो गया है। महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि पर्यटक आवास गृहों को पीपीपी मोड न दिया जाए, कुमाऊं व गढ़वाल मंडल का एकीकरण न करते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में समायोजित किया जाए, जिन कर्मचारियों का अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा रही है वह रद की जाए। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, सातवें वेतनमान के साथ ही नो माह का रुका हुआ वेतन दिया जाने के साथ ही अन्य मांगों को अविलंब पूरा किया जाने की मांग की गई है। हड़ताल करने वालों में प्रबंधक विश्वनाथ बेंजवाल, रमेश पुरोहित, मुनु सिंह, चंद्र प्रकाश सती, नवल नेगी, मालमती देवी, विजय पुरोहित, अनिल जोशीयाल, ईश्वरी सिंह रावत, बृजमोहन कोठियाल आदि शामिल थे।

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