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मां अनसूया मेले का वेद मंत्रों के साथ आगाज

मां अनसूया मेले का वेद मंत्रों के साथ आगाज

संक्षेप:

दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर मां अनसूया मेला विधिवत आरंभ हुआ। विधायक लखपत सिंह बुटोला ने मेले का उद्घाटन किया और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। हजारों श्रद्धालुओं ने मां अनसूया के दर्शन किए। दंपति संतान कामना लेकर आए हैं। विभिन्न देव डोलियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले को और भी भव्य बना दिया।

Dec 03, 2025 04:14 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चमोली
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दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर मां अनसूया मेला बुधवार को वेद मंत्रों, आस्था और श्रद्धा के वातावरण में विधिवत आरंभ हो गया। मां अनसूया मंदिर मार्ग के प्रवेश द्वार मंडल में आयोजित भव्य अनुष्ठान के साथ मेले का उद्घाटन बदरीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने किया। उन्होंने मां अनसूया और विभिन्न क्षेत्रों से आई देव डोलियों के समक्ष विश्व कल्याण की प्रार्थना की। उद्घाटन अवसर पर संस्कृत महाविद्यालय मंडल के छात्रों द्वारा वेद पाठ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। बुधवार को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां अनसूया के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी विभिन्न गांवों और क्षेत्रों से देव डोलियां मंडल पहुंचीं, जिनके आगमन से भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

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सांस्कृतिक समारोह में विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और भी पावन बना दिया। विधायक बुटोला ने कहा कि माता अनसूया दया, करुणा और सुफल प्रदान करने वाली आराध्य देवी हैं, जिनके आशीर्वाद से जनकल्याण और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। संतान कामना के लिए दूर-दूर से पहुंचे दंपति अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष भगत सिंह बिष्ट ने बताया कि देशभर से दंपति मां अनसूया के दरबार में संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर पहुंचे हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है। मंदिर के पुजारी डॉ. प्रदीप सेमवाल ने बताया कि मां अनसूया की कृपा से कई दंपति संतान सुख प्राप्त कर चुके हैं। देवियों की डोलियों ने मोहा मन अनसूया मेले की सबसे अद्भुत झांकी तब देखने को मिली जब पांच प्रतिष्ठित देव डोलियां एक साथ माता के दर्शन को पहुंचीं। पंडित चंद्रशेखर त्रिपाठी के अनुसार देवियां भी इस पावन पर्व में शामिल होती हैं। महाराष्ट्र से आए आर.के. विश्वनाथ, सरस्वती मालगांवेकर और प्रियम्बदा ने कहा कि ऐसा दिव्य दृश्य उन्होंने पहली बार देखा।