चमोली में जहां टनल धंसने से 7 जिंदा दफन, 6 साल पहले जलप्रलय ने 200 जिंदगियां छीनी; आज भी निकलती हैं लाशें

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
Follow us on Google News
share

Chamoli Tunnel Collapse: चमोली में एक और आपदा ने लोगों के जख्मों को हरा कर दिया है। गुरुवार शाम टनल हादसे में सात जिंदा दफन हो गए। 6 साल पहले चमोली में ही भीषण जल प्रलय ने 200 से अधिक जिंदगियां छीन ली थी। 

2021 Rishi Ganga Disaster
चमोली में 2011 को जलप्रलय में 200 से ज्यादा मौतें हुईं थी

Chamoli Tunnel Collapse: चमोली जिले में पीपलकोटी में अलकनंदा नदी पर टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में भूस्खलन और जल रिसाव के कारण बड़ा हादसा हो गया। इसमें 22 मजदूर फंस गए। 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। जबकि तीन अभी भी टनल में फंसे हुए हैं और उन्हें रेस्क्यू करने का काम चल रहा है। इस हादसे में 14 घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। चमोली में आपदा की यह तस्वीर नई नहीं है। सात महीने पहले इसी टनल में दो लोको ट्रेन टकरा गईं थी। जबकि 6 साल पहले चमोली जिले के नंदा देवी क्षेत्र के पास भंयकर आपदा ने 200 से अधिक जिंदगियां खत्म कर दी थी। उस आपदा में ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया था और तपोवन-विष्णुगढ़ परियोजना को भी भारी क्षति पहुंची थी।

टनल में काम करने वाले मजदूर बिहार-उड़िसा के

प्रशासन के अनुसार हादसे के वक्त टनल में 22 मजदूर काम कर रहे थे। घायल मजदूरों में ज्यादातर बिहार, उड़ीसा और झारखंड के बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया और बचाव दलों से जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस समेत सभी बचाव दलों को आपसी समन्वय के साथ अभियान तेज करने और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा।

टनल में हादसा कैसे हुआ

चमोली के डीएम गौरव कुमार ने बताया कि टनल के भीतर भूस्खलन और जल रिसाव के कारण मलबा आ गया। इससे वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार हादसा परियोजना की टनल में करीब 1850 मीटर अंदर हुआ है। लूज क्षेत्र टूटने से मलबे के साथ पानी अंदर आया और टनल का बड़ा भाग दलदल बन गया।

सात की मौत, 3 अभी भी लापता

टनल हादसे में मृतकों में प्रदीप पंवार (31) पुत्र अवतार सिंह, टिहरी गढ़वाल; मुकेश सिंह पुत्र प्रेम सिंह, चमोली; दुर्लभ शर्मा पुत्र भगवानी राम शर्मा, उत्तर प्रदेश; विजय हंसदा पुत्र राम चन्द्र, उत्तर प्रदेश; जितेन्द्र कुमार पुत्र राम चन्द्र, उत्तर प्रदेश; लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, छत्तीसगढ़ और भुनेश्वर पुत्र सुरेन्द्र कुमार, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। वहीं लापता लोगों में लुकास टोप्पनो पुत्र बारसा टोप्पनो, झारखंड; चेतन पोयाम पुत्र सोनधार पोयाम, छत्तीसगढ़ और देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल, छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

7 महीने पहले भी इसी सुरंग में टकराई थीं दो लोको ट्रेनें

पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की सुरंग में 30 दिसंबर 2025 को भी बड़ा हादसा हुआ था। शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को ले जा रही लोको ट्रेन की सामान ढोने वाली लोको ट्रेन से टक्कर हो गई थी। हादसे के वक्त ट्रेन में करीब 110 लोग सवार थे और 88 श्रमिक घायल हुए थे।

2011 ऋषि गंगा जलप्रलय

चमोली में टनल हादसे ने एक बार फिर लोगों के पुराने जख्मों को हरा कर दिया है। 7 फरवरी 2011 को विनाशकारी जलप्रलय ने उत्तराखंड ही नही देश को हिला कर रख दिया था। सरकार ने उस आपदा में 206 मृत प्रमाण पत्र जारी किए थे। जबकि 100 से अधिक लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया। आपदा से बाद से अब तक 38 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। उस आपदा के कई भयावह मंजर अभी भी आंखों के सामने जिंदा हैं। एक एक मां की बच्चे से लिपटी लाश मिली थी। इस तरह के कई हृदयविदारक यादें लोगों को आज भी रुलाती हैं।

कैसे आई थी जलप्रलय

7 फरवरी की दोपहर सुहावने मौसम में अचानक ऋषि गंगा में रैंठी ग्लेशियर टूटने से जल प्रलय आई थी। इसमें 13 मेगावाट की ऋषि गंगा जल विद्वुत परियोजना का नामोनिशान मिट गया था। रैंणी वल्ली, पल्ली, पैंग मुरंडा, जुवाग्वाड, जुगजू, सुभांई, तपोवन, ढाक, बडागांव सहित तपोवन जल विद्युत परियोजना के बैराज और टनल में मलबा घुस गया। साथ ही परियोजना के कई भवन, मशीनें सब मलबे की भेंट चढ़ गई। रैंणी में बीआरओ का हेवी मोटेबल पुल, रैंणी पल्ली और जुगजू को जोड़ने वाला पुल, जोंज के अतिरिक्त तपोवन भंग्यूल को जोड़ने वाला पुल बह गया।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़चमोली में जहां टनल धंसने से 7 जिंदा दफन,6 साल पहले जलप्रलय ने 200 जिंदगियां छीनी