चमोली सुरंग हादसे की होगी मजिस्ट्रेट जांच, चौथे दिन भी 2 लापता मजदूरों की तलाश

भाषा, चमोली
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उत्तराखंड के चमोली जिले में सुरंग हादसे के चौथे दिन रविवार को भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी रही। हादसे की कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। 

Chamoli Tunnel Accident
चमोली टनल में चौथे दिन भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी है।

चमोली टनल हादसे के चौथे दिन रविवार को भी दो लापता मजदूरों की तलाश जारी रही। हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं। राहत और बचाव के काम में जुटी टीमें पंपों से पानी निकालकर और मलबा हटाकर सघन अभियान चला रही हैं। हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। 12 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने गोपेश्वर में राहत कार्यों की समीक्षा की। हादसे के कारणों की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।

अब तक 8 की मौत

बता दें कि पीपलकोटी में बन रही टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टनल में गुरुवार शाम को करीब सात बजे भूस्खलन के बाद मलबा और पानी भर गया था। इससे 22 कर्मचारी फंस गए थे। हादसे के बाद सेना, बीआरओ, NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस समेत राहत दलों ने रात भर बचाव अभियान चलाकर शुक्रवार सुबह तक कुल 19 कर्मचारियों को टनल से निकाल लिया। टनल से घायल हालत में 12 जबकि मृत अवस्था में सात कर्मचारी बाहर निकाले गए थे।

सरकार ने दिया मदद का भरोसा

उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को गोपेश्वर में आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।

सुरंग में अब भी पानी भरा

अधिकारियों के अनुसार; एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें 13 अगस्त को हुए सुरंग हादसे के बाद से लापता श्रमिकों की तलाश में सघन अभियान चला रही हैं। सुरंग के भीतर अब भी पानी भरा है। पंपों की मदद से लगातार पानी बाहर निकाला जा रहा है। सुरंग के भीतर मलबे और फंसी मशीनों को हटाने का काम जारी है।

चप्पे-चप्पे खंगाल रहीं बचाव टीमें

अधिकारियों ने बताया कि मलबे को हटाने के लिए आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद ली जा रही है। बचाव दल मलबे के बीच मौजूद छोटी से छोटी जगह और सभी संभावित हिस्सों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। लापता श्रमिकों की तलाश में किसी भी संभावित स्थान को नहीं छोड़ा जा रहा है।

मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

अधिकारियों के अनुसार, लापता श्रमिकों में झारखंड निवासी लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम शामिल हैं। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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