टनल में धमाका हुआ और हम बहने लगे; मौत को छूकर लौटे लोगों ने क्या बताया, 7 मरे

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Chamoli Thdc Tunnel Collapse: चमोली टनल हादसे में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। भयानक हादसे में जिंदा बचे मजदूर सदमे में हैं। बताया कि काम के दौरान अचानक टनल टूटी और पानी का तेज बहाव आया। 

क्रांति भट्ट, गोपेश्वर

Chamoli Thdc Tunnel Collapse: चमोली जिले के पीपलकोटी में अलकनंदा नदी पर टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम भूस्खलन और जल रिसाव के कारण हादसा हो गया। इसमें 22 मजदूर फंस गए। एसडीआरएफ ने बताया कि इनमें 7 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि 14 घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। तीन मजदूर अभी भी लापता हैं।

पीपलकोटी में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार को हादसा हुआ तो कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया। टनल के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पहले धमाके जैसी आवाज आई और उसके बाद तेज रफ्तार से पानी घुस आया। देखते ही देखते मजदूर पानी में डूबने लगे। कई मलबे की चपेट में आ गए।

टनल का लूज हिस्सा अचानक टूटकर गिरा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर भारी लूज क्षेत्र अचानक टूटकर नीचे आ गया। इसके साथ ऊपरी हिस्से में जमा पानी भी बड़ी मात्रा में टनल के भीतर पहुंच गया। पानी और मलबे के अचानक आए इस सैलाब ने मजदूरों को संभलने का अवसर नहीं दिया।

जिंदा बचे लोगों की आंखों में अभी भी डर

जिला चिकित्सालय में भर्ती घायल मजदूरों की आंखों में अब भी उस घटना का डर दिखाई दे रहा है। किसी के कानों में धमाके की आवाज गूंज रही तो कोई अचानक आए पानी के उस तेज बहाव को याद कर सिहर उठता है। घायल हुए मजदूरों में से किसी का जबड़ा पूरी तरह टूट चुका है तो किसी के पैर जख्मी हो गए हैं।

मौत से मुलाकात

पंजाब के तरनतारन जिले के 47 वर्षीय सबीर सिंह जिला चिकित्सालय में घायल अवस्था में भर्ती किए गए हैं। उनका जबड़ा टूट गया है। हादसे को याद करते हुए वे बताते हैं कि अचानक टनल टूटी और पानी का तेज बहाव आ गया। टनल के अंदर मौजूद मजदूरों में से कुछ इधर गिरे और कुछ उधर। बातचीत के दाैरान सबीर कहते हैं कि ईश्वर की कृपा से वह इस भयानक हादसे में किसी तरह बच गए।

देखते ही देखते सब डूबने लगे थे

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के 20 वर्षीय सुनील दीवान भी जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं। पीपलकोटी की घटना को बताते समय उनकी आवाज में उस खौफ की झलक साफ महसूस होती है। वह बताते हैं कि हादसे के समय मजदूर टनल के परियोजना के पीपलकोटी साइड की ओर थे। देखते ही देखते सभी मजदूर डूबने लगे थे।

मलबे की चपेट में आकर दोनों पैर हो गए जख्मी

झारखंड के विनोद रुआना बताते हैं कि टनल में अचानक धमाका हुआ और तेजी से पानी अंदर आया। कुछ ही समय में हादसा हो गया। झारखंड के दीना बगैरा के दोनों पैर इस हादसे में जख्मी हुए हैं। वह बताते हैं कि घटना के वक्त विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी। हिमाचल प्रदेश के घायल तिलक राज ने बताया कि टनल के 1,800 मीटर के बिंदु पर जलप्रवाह आया और इसी दौरान घटना हुई।

सात महीने पहले भी इसी सुरंग में टकरा गई थीं दो लोको ट्रेनें

पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की सुरंग में 30 दिसंबर 2025 को भी बड़ा हादसा हुआ था। शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को ले जा रही लोको ट्रेन और सामान ढोने वाली लोको ट्रेन से टक्कर हो गई थी। हादसे के वक्त ट्रेन में करीब 110 लोग सवार थे और 88 श्रमिक घायल हुए थे।

Gaurav Kala

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


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