ब्रिगेडियर मुकेश जोशी मर्डरः देर रात एनकाउंटर में मुख्य शूटर समेत 2 गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली
जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 साल के रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के मामले में देहरादून पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए घटना के मुख्य शूटर शांतनु त्यागी और उसके करीबी साथी मोहम्मद कावीश हुसैन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है।

जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 साल के रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के मामले में देहरादून पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात कार्रवाई करते हुए घटना के मुख्य शूटर शांतनु त्यागी और उसके करीबी साथी मोहम्मद कावीश हुसैन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से बचने के लिए भाग रहे कावीश हुसैन त्यागी के पैर में गोली लगी है, जबकि मुख्य शूटर शांतनु त्यागी को पुलिस ने पीछा कर दबोचा। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें लगातार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही थीं।
शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य शूटर शांतनु त्यागी और कावीश त्यागी मसूरी रोड स्थित गुनियाल गांव के आसपास देखे गए हैं। सूचना पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने का प्रयास किया।
इस दौरान एक बदमाश ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कावीश के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा। वहीं, शांतनु को पुलिस ने पीछा कर दबोचा। कावीश को कारोनेशन में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी ने बताया कि इस घटना में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे गुट के तीन लोग फरार हैं। इसके अलावा घटना में शामिल दोनों गाड़ियों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
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