घर फूंक डाले, बुलडोजर और पुलिस पर पथराव; देहरादून में 28 घंटे बवाल की पूरी कहानी

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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बैरागीवाला में भाजपा ओबीसी मोर्चा के सह सोशल मीडिया प्रभारी विनोद कश्यप की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थिति लगातार संवेदनशील होती चली गई।

घर फूंक डाले, बुलडोजर और पुलिस पर पथराव; देहरादून में 28 घंटे बवाल की पूरी कहानी

BJP Leader Vinod Kashyap Murder: देहरादून के बैरागीवाला में शनिवार को भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद हालात तेजी से बिगड़े। घटना से गुस्साई भीड़ के आक्रोश ने रविवार सुबह हिंसक रूप ले लिया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घरों में आगजनी कर दी। इस दौरान गांव में मौजूद छह थानों की पुलिस भी हालात को काबू करने में नाकाम दिखी। प्रशासन को हालात संभालने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। तनाव को देखते हुए प्रशासन को शाम को गांव में आईटीबीपी की तैनात करने का निर्णय लेना पड़ा।

6 थानों की पुलिस बेबस नजर आई

प्रशासन ने शनिवार रात हुए प्रदर्शन के बाद एहतियातन गांव में छह थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की थी। देर रात पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को कुछ हद तक शांत कराया, लेकिन आक्रोश पूरी तरह थम नहीं सका। प्रदर्शनकारी आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और सख्त कार्रवाई को लेकर अड़े रहे। इधर घटना की सूचना पर रविवार दहरासुबह दून समेत आसपास के क्षेत्रों से भी तमाम लोग व बजरंग दल के कार्यकर्ता बैरागीवाला पहुंच गए और प्रदर्शन उग्र हो गया।

आरोपियों के घर तोड़फोड़ और आगजनी

इस बीच मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और ठोस कार्रवाई होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। इससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। सुबह करीब नौ बजे बड़ी संख्या में लोग आरोपियों के घरों के सामने इकट्ठा हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रशासन की ओर से तत्काल स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलने पर भीड़ उग्र हो गई और दो आरोपियों-मासूम और इशफाक के घरों में तोड़फोड़ के बाद आगजनी कर दी।

परिवार का पंचायतनामे से इनकार

विनोद की हत्या से गुस्साए परिजन सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। रविवार शाम तक जब पुलिस केवल चार आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई तो परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले होने वाली पंचायतनामा की कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। नियमों के अनुसार, शव के पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिवार के कम से कम पांच सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। परिजनों के इस रुख के चलते पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी तरह से अटक गई।

पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने

पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया। हालात को देखते हुए पुलिस को स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सहारा लेना पड़ा। परिजनों का गुस्सा शांत करने के लिए सहसपुर थाने में तैनात रहे उन पुराने पुलिस अधिकारियों को विशेष तौर पर बुलाया गया, जिनकी इलाके में अच्छी पैठ है। इसके लिए लक्ष्मणझूला थाने से इंस्पेक्टर सूर्यभूषण सिंह नेगी को बुलाया गया। साथ ही पूर्व इंचार्ज शंकर सिंह बिष्ट और गिरीश नेगी आदि ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। इसके बावजूद परिजन नहीं माने और टीम पंचायतनामे की कार्रवाई पूरी किए बिना ही लौट आई।

गांव में सुरक्षाबलों ने किया फ्लैग मार्च

बवाल के बाद पुलिस, पीएससी और आईटीबीपी के जवानों ने बैरागीवाला में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति की अपील की। फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर रहे एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि किसी ग्रामीण अथवा बाहरी लोगों को कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिलेगा। पुलिस के फ्लैग मार्च के दौरान पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। उधर, एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि बैरागीवाला गांव में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

पहर-दर पहर

शनिवार (13 जून 2026)

दोपहर 02:00 बजे

दोनों पक्षों के बीच सरकारी नलकूप से सिंचाई के पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ।

शाम 06:30 बजे

दूसरे पक्ष ने विनोद और उसके भाइयों पर हमला बोल दिया। घायल विनोद को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रात 09:30 बजे

गांव में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने और ग्रामीणों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए नारेबाजी-हंगामा शुरू कर दिया।

रात 10:00 बजे

गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने देहरादून-पांवटा हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और धरने पर बैठे लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।

रविवार (14 जून 2026)

सुबह 09:00 बजे

बजरंग दल कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में आरोपी के घर के सामने इकट्ठा हुए।

सुबह 09:00 बजे

गुस्साई भीड़ ने विनोद के हत्यारोपियों में से दो घरों को आग के हवाले कर दिया।

सुबह 11:00 बजे

पुलिस के सख्ती करने पर भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजी।

दोपहर 01:00 बजे

पुलिस ने मुख्य आरोपी मासूम के घर की बाउंड्री वॉल, गौशाला और दो दुकानों को ध्वस्त तोड़ दीं।

दोपहर 01:30 बजे

आरोपी मासूम के मुख्य मकान को तोड़ने की मांग को लेकर भीड़ उग्र हुई और पुलिस पर पथराव कर दिया।

दोपहर 02:15 बजे

आरोपी के मकान को ध्वस्त करने की मांग को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने विधायक के विरुद्ध नारेबाजी कर दी। इस पर विधायक समर्थक और बजरंग दल कार्यकर्ताओं में झड़प हुई।

शाम 06:30 बजे

प्रशासन ने मासूम का मकान बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


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