हैट्रिक की हसरत में उत्तराखंड CM धामी ने सजाई 2027 की फील्डिंग, जेंडर बजट 16 फीसदी बढ़ाया
उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने सोमवार को गैरसैंण में भारी-भरकम बजट पेश किया। चुनावी साल होने के कारण भाजपा हैट्रिक मोड में है। सरकार ने जेंडर बजट में 16 फीसदी का इजाफा किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार में चुनावी शंखनाद के अगले ही दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट की पिच पर अपनी टीम की रणनीति का बल्ला घुमाया। यह ‘पारी’ केवल आंकड़ों की नहीं थी, बल्कि आने वाले चुनावी मुकाबले को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर की गई फील्डिंग है।
धामी ने अपनी पारी की शुरुआत ‘सबका साथ, सबका विकास’ की स्ट्रेट ड्राइव से की। बजट की पिच पर गढ़वाल और कुमाऊं-दोनों मंडलों के साथ बराबरी की साझेदारी की रणनीति अपनाई गई। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल को लेकर जहां ‘श्री केदार’ के रूप में पांच प्राथमिकताएं सामने रखीं, वहीं कुमाऊं की मानस माला मंदिर शृंखला के प्रतीक ‘मानस’ को लेकर भी पांच अहम बिंदुओं को शामिल किया। बजट का साफ संदेश यही है कि सरकार, पूरे उत्तराखंड के व्यापक विकास के लिए बड़ी पारी खेलने की तैयारी कर रही है।
करीब 45 पेज के बजट भाषण में भले ही बड़ी घोषणाओं रूपी ‘चौके-छक्कों’ की भरमार नहीं थी, लेकिन धामी ने सिंगल-डबल लेते हुए पारी को मजबूती से आगे बढ़ाने की कोशिश की है। सादगी के साथ ठोस सोच का यह अंदाज सदन में साफ दिखाई दिया। राजनीति के मैदान में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहे मुख्यमंत्री धामी में सोमवार को सदन ने एक संतुलित बल्लेबाज के साथ कुशल वित्त प्रबंधक की झलक भी देखी।
जिताने की जिम्मेदारी
भाजपा हाईकमान ने उत्तराखंड में सरकार बनाने की हैट्रिक लगाने का लक्ष्य प्रदेश सरकार और संगठन का सौंपा है। ऐसे में प्रदेश के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी जिम्मेदारी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2022 से धामी द्वारा लाए गए समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून समेत कई कानूनों को लेकर सराहना मिली है। इनके प्रति देश के दूसरे राज्यों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। अब बजट में विभिन्न क्षेत्रों के विकास को लेकर किए प्रावधानों को भी पार्टी प्रचार के दौरान जनता को बताएगी।
महिलाओं-युवाओं पर जाहिर की प्राथमिकता
प्रदेश में सत्ता की चाभी महिलाओं और युवाओं के हाथ रही है। महिलाओं और जेन जी को भाजपा अपनी विचाराधारा के ज्यादा करीब भी मानती है। ऐसे में सीएम के ‘संतुलन’ बजट में सत्ता की इस ‘सुनहरी चाभी’ के प्रति तरजीह भी
साफ झलकी। सरकार ने जेंडर बजट में 16% से ज्यादा इजाफा किया है। युवाओं के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और नए स्टार्टअप के लिए मुख्यमंत्री ने बजट में भरपूर इंतजाम किया है। धामी कहते हैं कि यह केवल आकंड़ों का बजट नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य का रोड मैप है। इसमें गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
गढ़वाल में कांग्रेस की घेरेबंदी तोड़ना भी चुनौती
गढ़वाल मंडल में भाजपा का प्रदर्शन शुरू से बेहतर रहा है। ऐसे में चुनाव पूर्व रणनीति के तहत कांग्रेस इस बार पहले से ही गढ़वाल की 41 सीटों पर विशेष फोकस कर रही है। मालूम हो वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गढ़वाल के सात जिलों की 41 में 29 सीटें जीती थीं। गढ़वाल में अपनी कमजोर स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने नवंबर 2025 में गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष, हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष व प्रीतम सिंह को चुनाव प्रचार समिति को अध्यक्ष बनाया है। ऐसे में गढ़वाल में विपक्ष की सियासी चुनौतियों को तोड़ने की जिम्मेदारी भी धामी पर है।
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