एक्सप्लेनर: उत्तराखंड में दिग्गज भाजपाइयों को शामिल कराकर भी क्यों कांग्रेस बैचेन? खुश हो रही BJP
उत्तराखंड के दिग्गज भाजपाइयों को अपनी पार्टी में शामिल कराकर भी कांग्रेस पार्टी में अंदरखाने बैचेनी है। पूर्व सीएम हरीश रावत भी घटनाक्रम से नाखुश हैं। उधर, भाजपा ने भी कांग्रेस पर करारा तंज कसा है।

शनिवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुख्यालय, 24 अकबर रोड पर उत्तराखंड कांग्रेस में तीन दिग्गज भाजपाइयों समेत 6 नेताओं ने एंट्री ली। यहां प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य और सितारगंज से पूर्व विधायक नारायण पाल, नैनीताल के लाखन सिंह, शामिल हैं। इसके अलावा रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल और मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। हालांकि कांग्रेस में दिग्गज भाजपाइयों के शामिल होने के बावजूद आंतरिक मतभेद में देखने को मिले। उधर, भाजपा ने भी कांग्रेस पर करारा तंज कसा।
जहां कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल था, वहीं कुछ आंतरिक मतभेद भी चर्चा का विषय रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रामनगर ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को भी आज सदस्यता लेनी थी, लेकिन पूर्व विधायक रणजीत रावत की असहमति के चलते उनकी जॉइनिंग फिलहाल टाल दी गई। चर्चा यह रही कि पूर्व सीएम हरीश रावत भी इस पूरे घटनाक्रम के कुछ पहलुओं से नाराज दिखे। दूसरी ओर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होते ही पूर्व पालिकाध्यक्ष और रुद्रपुर से विधायक का चुनाव लड़ चुकीं मीना शर्मा रूठ गई हैं।
भाजपा के हैट्रिक को कांग्रेस की चुनौती
कांग्रेस ने इन जॉइनिंग के माध्यम से भाजपा के उस दावे को चुनौती दी है, जिसमें वे 2027 में हैट्रिक लगाने का सपना देख रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के पार्टी में आने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। इस दौरान सह प्रभारी मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष करन माहरा, राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन और विधायक तिलकराज बेहड़ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा का तंज-‘कांग्रेस हमारे निकाले लोगों के भरोसे लड़ रही चुनाव’
भाजपा के पूर्व विधायकों समेत कई नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव लड़ाने के लिए नेता नहीं हैं और इसीलिए वह भाजपा से निकाले गए नेताओं को ज्वाइन करा रही है। शनिवार को मीडिया के सवालों के जबाव में महेंद्र भट्ट ने कहा कि अनुशासनहीनता की वजह से जो लोग पार्टी से निकाल दिए गए हैं उन्हें भाजपाई कहना ठीक नहीं है।
बसपा से चुनाव लड़े पाल दोबारा कांग्रेस में
पूर्व विधायक नारायण पाल ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनकी कांग्रेस से दावेदारी मानी जा रही है, हालांकि तीन अन्य नेता भी कांग्रेस से दावेदार हैं। नारायण पाल वर्ष 2022 में सितारगंज विधानसभा सीट पर कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर दोबारा बसपा में शामिल होकर विधायक का चुनाव लड़े। इसमें नारायण पाल 9258 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे थे। भाजपा से निष्कासित होने के बाद रुद्रपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी अपने दम पर 26 हजार 988 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे।
ठुकराल की एंट्री से आहत मीना शर्मा
मीनी शर्मा ने पार्टी पर महिला न्याय की अवधारणा की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए महिला कांग्रेस से हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र प्रभारी, महिला कांग्रेस की प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पीसीसी सदस्य की जिम्मेदारी छोड़ने का ऐलान किया है। मीना ने कहा कि अपनी ही पार्टी की महिला नेत्री के साथ न्याय नहीं हुआ है, इससे वह बहुत आहत हैं। हालांकि, उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफे का ऐलान नहीं किया है। शनिवार को मीना शर्मा ने पत्रकार वार्ता बुलाकर इसका ऐलान किया। कहा कि करीब सवा वर्ष पहले ठुकराल की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। इसमें उन्होंने उनके और परिवार के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया था। इससे वह बेहद आहत थीं और सवा वर्ष तक उन्होंने न्याय की लड़ाई लड़ी और इसी वजह से ठुकराल की कांग्रेस में ज्वाइनिंग में देरी हुई। उन्होंने प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को अपनी पीड़ा बताई।
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Gaurav Kalaगौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य
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