2 साल में दिखा दिया 6 भाई-बहनों का जन्म, SIR के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

हिन्दुस्तान, हरिद्वार
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हरिद्वार में एसआईआर के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मतदाता सूची की प्रविष्टियों में कहीं 6 भाई-बहनों का जन्म दो साल के अंदर दर्शाया गया है तो कहीं 72 साल के पिता के बेटे की उम्र 18 साल लिखा गया है। अधिकारियों ने ऐसी संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच शुरू कर दी है।

SIR के दौरान अजब-गजब खुलासे।
SIR के दौरान अजब-गजब खुलासे।

हरिद्वार में एसआईआर में मतदाता सूची की ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिनमें छह भाई-बहनों की उम्र का अंतर महज दो साल दर्ज है। कहीं 72 साल की उम्र में पिता बनने तो कहीं तीन भाइयों की उम्र एक समान दर्ज मिली है। अधिकारियों ने संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच शुरू कर दी है।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हरिद्वार जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। कलियर क्षेत्र में पिता की उम्र 30 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज होने का मामला भी सामने आया है। एसआईआर के दौरान हरिद्वार ग्रामीण, कलियर, मंगलौर और लक्सर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की प्रविष्टियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी दौरान उम्र, पारिवारिक संबंध और अन्य विवरणों में कई तरह की विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार ये प्रविष्टियां प्रथम दृष्टया संदिग्ध हैं। इनके वास्तविक तथ्यों की पुष्टि के लिए संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

पिता 72 साल का बेटा 18 साल का

जांच के दौरान एक मामले में पिता की उम्र 72 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज मिली। इसी तरह 54 साल की उम्र में पिता बनने की प्रविष्टि भी सामने आई। एक परिवार में छह भाई-बहनों के बीच उम्र का अंतर केवल दो साल दर्ज है। तीन भाइयों की उम्र भी मतदाता सूची में एक समान दर्ज मिली। कलियर में पिता की उम्र 30 साल और बेटे की उम्र 18 साल दर्ज होने का मामला सामने आने के बाद संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। सत्यापन के दौरान सामने आने वाली प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि की नियमानुसार जांच की जा रही है। लोगों को भी अपना पक्ष रखने का समय दिया जाएगा।

नोटिस के बाद होगी दस्तावेजों की जांच

संदिग्ध प्रविष्टियों को लेकर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के बाद संबंधित व्यक्ति अपने दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर आवश्यक सुधार किया जाएगा।

वोटर लिस्ट में उम्र का अंतर बना चर्चा का विषय

एसआईआर के दौरान सामने आईं कुछ प्रविष्टियां क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केवल मतदाता सूची में दर्ज उम्र के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। सत्यापन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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