जब अन्ना हजारे ने लगाई मुहर, बीसी खंडूड़ी का मेजर जनरल से मुख्यमंत्री तक का सफर

विमल पुर्वाल, देहरादून, हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

BC Khanduri Journey:  सेना की सख्त अनुशासनात्मक परंपरा में भी पूरी दृढ़ता से निभाने वाले खंडूड़ी ने अपनी साफ-सुथरी छवि से अलग पहचान बनाई। अन्ना हजारे ने उत्तराखंड में खंडूड़ी सरकार के सख्त लोकायुक्त विधेयक को खुलकर सराहा था।

जब अन्ना हजारे ने लगाई मुहर, बीसी खंडूड़ी का मेजर जनरल से मुख्यमंत्री तक का सफर

BC Khanduri Journey: पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन के बाद वसंत विहार स्थित आवास पर उनकी पत्नी अरुणा खंडूड़ी पति के पार्थिव शरीर को देखकर भावुक हो गईं। उन्होंने नम आंखों और कांपते हाथों से पति को पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। इस दौरान उनके बेटे मनीष खंडूड़ी भी पिता को खोने के गहरे गम में डूबे और बेहद भावुक नजर आए। आज उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना की सख्त अनुशासनात्मक परंपरा में भी पूरी दृढ़ता से निभाने वाले खंडूड़ी ने अपनी साफ-सुथरी छवि से अलग पहचान बनाई।

तीन दशक से ज्यादा वक्त तक सेना में रहकर देश की सेवा करने के बाद सियासत में आए खंडूड़ी ने पहले सांसद एवं केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाया। बाद में उत्तराखंड का मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद कई ऐतिहासिक फैसले लिए। उनकी साफगोई और ईमानदार छवि ने राज्य के आम जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी।

मेजर जनरल तक पहुंचे

सेना में कमीशन करने के बाद खंडूड़ी मेजर जनरल पद तक पहुंचे। उन्होंने सैन्य इंजीनियरिंग, बुनियादी ढांचे के निर्माण और लॉजिस्टिक से जुड़ी अहम रणनीतिक योजनाओं में योगदान दिया। सेना में उन्होंने जो अनुशासन सीखा, वही गुण बाद में उनकी राजनीतिक शैली में साफ तौर पर झलका। भाजपा ने 1991 में पहली बार गढ़वाल संसदीय सीट से उतारा। उसके बाद खंडूड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। खंडूड़ी के केंद्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते उत्तराखंड में सड़क निर्माण को तेज रफ्तार मिली थी। आज की ऑलवेदर रोड को उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाया था।

खंडूड़ी के लोकायुक्त पर अन्ना ने लगाई थी मुहर

देहरादून। देश में वर्ष 2012 में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन ने जोर पकड़ा, जिसमें लोकपाल की मांग राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गई। दिल्ली में तब इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अन्ना हजारे ने उत्तराखंड में खंडूड़ी सरकार के सख्त लोकायुक्त विधेयक को खुलकर सराहा था। खंडूड़ी के समय लाए गए लोकायुक्त विधेयक में सीएम को भी दायरे में लाने का प्रावधान था। हालांकि, वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन के बाद ही यह विधेयक अमल में आने से पहले ही ठंडे बस्ते में चला गया। 2011 में उत्तराखंड की सत्ता में आने के बाद खंडूड़ी लोकायुक्त बिल के साथ ही तबादला कानून भी लाए थे।

खंडूड़ी का सफरनामा

बीसी खंडूड़ी का राजनीतिक और सैन्य जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने 1954 में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन प्राप्त किया और 1982 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित हुए। राजनीति में उन्होंने 1991 में पहली बार गढ़वाल लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। हालांकि 1996 में चुनाव हार गए, लेकिन 1998, 1999, 2004 और 2014 में फिर सांसद बने। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वर्ष 2000 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2007 में पहली बार और 2011 में दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। 2012 में कोटद्वार से चुनाव हारने के बावजूद उनकी सादगी, ईमानदार छवि और विकास कार्यों के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।