शिव के मन माही बसे काशी...से गूंजा बागेश्वर
बागेश्वर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। चर्तुदशी को कत्यूर घाटी के लोग बाबा बागनाथ और बैजनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने होली गीत गाए और भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। बच्चों, पुरुषों और महिलाओं ने देर रात तक होली गायन का आनंद लिया। सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी।
जनपद में होली का रंग अब पूरे शबाब पर है। चर्तुदशी को कत्यूर घाटी समेत क्षेत्र के लोग होली लेकर बाबा बागनाथ और बैजनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने शिव के मन माहि बसे काशी आदि होली का गायन किया। यहां होली गाने के बाद भोलेनाथ का आशीर्वाद लेकर घरों को लौटै। बच्चे, पुरुष और महिलाएं देर रात तक होली गायन की मस्ती में चूर रहे। आयोजकों ने होल्यारों को विभिन्न पकवानों के साथ अबीर-गुलाल का टीका लगाकर उनका स्वागत किया। सोमावर को होली चर्तुदशी के अवसर पर जिले के पुरुषों की होली बागनाथ व बैजनाथ धाम पहुंची। बागननाथ में चामी, क्वैराली, गुनाकोट, मजबे, तड़ीगांव, खोली, काकड़ा, कठायतबाड़ा, चोरासी समेत 25 गांवों के होल्यार पहुंचे।
बैजनाथ में सिल्ली, पाये, मटेना, जिमखोला, कोलाग, भेटा, अणां, कज्यूली से होल्यार आए। होल्यारों ने तुम सिद्धी करो महाराज होलिन के दिन में होली गीत से कार्यक्रम शुरू किया। इसके बाद मेरी चुनरी ऐसी रंगी की भीग गई तन सारी, मेरो नानू, नानु मदन गोपाल आदि होली गीत आए। गुजिया, आले के गुटखे प्रमुख व्यंजन होली गायन के दौरान लोग आने वाले मेहमानों का स्वागत विभिन्न पकवानों से करते हैं। अधिकतर लोग होली में आलू के गुटखे, गुजिया अवश्य खिलाते हैं। चाक चौबंद रही पुलि सकी व्यवस्था बागेश्वर। चतुर्दशी को भारी संख्या में होल्यार मंदिरों में पहुंचे। कार्यक्रम को देखते हुए यहां बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। बागनाथ मंदिर समिति ने एक सप्ताह पहले ही पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की थी। मंदिर कमेटी ने होल्यारों के साथ पुलिस का भी आभार जताया।
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