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23 फरवरी, 2020|9:43|IST

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धूराफाट के तीन सौ परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर

जल संस्थान की लापरवाही के चलते धूराफाट क्षेत्र के असों और बोहाला गांव के ग्रामीण पानी के लिए तरस गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन में एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने नियमित पेयजल आपूर्ति किए जाने की मांग की है। पानी की किल्लत से तीन सौ से अधिक परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

सोमवार को भी धूराफाट क्षेत्र के असों और बोहाला गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। असों के ग्रामीण पान सिंह, गणेश सिंह, पार्वती देवी, नीमा देवी ने बताया कि गांव में धूराफाट पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन उन्हें इस योजना से नियमित पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि जलसंस्थान की ओर से तीन दिन में एक बार कुछ समय के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। जो कि ग्रामीणों की आवश्यकता को पूरी नहीं कर पाता है। कई किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों और हैंडपंपों से उन्हें पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। कहा कि कम पानी के चलते मवेशियों की देखरेख भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में दूषित पानी पीने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। इस दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग की है। कहा कि अगर शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

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इनसेट कोट-

इस तरह की शिकायत किसी ने नहीं की है। योजना में कहां पर दिक्कत आ रही है इसका पता लगाकर जल्द समस्या का निदान किया जाएगा।

- दीनदयाल टम्टा, अवर अभियंता जल संस्थान, बागेश्वर।

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  • Web Title:Three hundred families in Dhoomaft forced to drink contaminated water