The villagers themselves did not listen if the department did not listen to the canal - विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही ठीक कर डाली नहर DA Image
19 नबम्बर, 2019|3:14|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही ठीक कर डाली नहर

विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही ठीक कर डाली नहर

सरकारी तंत्र की उदासीनता और सुस्त कार्यप्रणाली लोगों के जी का जंजाल बन रही है। डंगोली क्षेत्र में भी यही देखने को मिल रहा है। तीन सप्ताह से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की विभाग मरम्मत नहीं करा पाया। कई बार शिकायत करने पर भी अमल नहीं हुआ तो ग्रामीण खुद ही नहर बनाने में जुट गए। उन्होंने क्षतिग्रस्त नहर को ठीक कर खेतों तक पानी पहुंचाने के साथ विभाग को भी आईना दिखाने का काम किया है।

घांघली नदी के दुलेश्वर से डंगोली, छटिया, कोट फुलवाड़ी और ग्वाड़ पजेना गांवों के लिए सिंचाई नहर बनी है। जिससे करीब 200 किसानों की जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। तीन सप्ताह पूर्व नहर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीणों ने विभाग को फोन पर सूचना दी। लिखित में शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर, बुवाई का समय चल रहा है। जिसके चलते किसानों को पानी की सख्त जरूरत है। विभाग की उदासीनता से परेशान होकर ग्रामीणों ने खुद ही नहर की मरम्मत करने की ठानी। रविवार को सभी किसान एकजुट हुए। उन्होंने नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग नाकाम साबित हो रहा है। लाखों का बजट खपाया जा रहा है। इसके बाद भी जन समस्या जस की तस है। लोगों की मदद को बने विभाग उनकी परेशानी का कारण बन रहे हैं। यहां ग्राम प्रधान धनुली देवी, महेशानंद जोशी, खीमदत्त जोशी, कुंदन गिरी, राजेंद्र अरोड़ा, मुन्नी देवी, हीरा देवी आदि मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:The villagers themselves did not listen if the department did not listen to the canal