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27 फरवरी, 2020|3:36|IST

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ब्लॉक को ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया

ब्लॉक को ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया

कठपुड़ियाछीना ने अलग ब्लॉक बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जिला बनने के बाद भी वे अलग-थलग हैं, जिससे क्षेत्र का विकास थम गया है, लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे।

सोमवार को जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना के बैनर तले रीठाबगड़ और धूराफाट क्षेत्र के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कठपुड़ियाछीना ब्लॉक को लेकर धरना दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सभा की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि अलग ब्लॉक न बनने से गांवों का विकास नहीं हो रहा है। आईटीआई का भवन न बनने से प्रशिक्षणार्थियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नए ट्रेड भी संचालित नहीं किए जा रहे हैं। बिलौना-पगना सड़क का सोलिंग तक नहीं किया गया है। दाणोंछीना-लोब-बेहरगांव सड़क का डामरीकरण और किमी छह में पुल का निर्माण नहीं हो सका है। सिमस्यारी गांव को खांकर नलकूप से पानी शीघ्र उपलब्ध कराने, कठपुड़ियाछीना-शेराघाट सड़क से लिंक सड़क से जोड़ने, सैंज-रीठागाड़ में तीन साल पहले आई आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई गूलों का शीघ्र पुनर्निर्माण करने, खरेही के लोगों के लिए मन्याछीना में नलकूप निर्माण करने आदि की समस्याएं लंबित हैं। कहा कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन उनकी मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र कठपुड़ियाछीना को ब्लॉक नहीं बनाया गया तो वे आरपार की लड़ाई लड़ने को विवश होंगे। यहां समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, महेश मिश्रा, देवीदत्त मिश्रा, नंदन सिंह मेहता, महिपाल मेहता, पुष्पा बिष्ट, योगेंद्र असवाल, गुमान सिंह मेहता, पुष्पा मिश्रा, पूरन चंद्र मिश्रा, शंभू दत्त मिश्रा, नवीन प्रसाद, एनके मिश्रा आदि मौजूद रहे। ----------------------

21 साल पुरानी हैं ब्लॉक की मांग

बागेश्वर। ग्रामीणों ने कहा कि चार न्याय पंचायतों की 49 ग्राम पंचायतों के लोग 21 साल से अलग ब्लॉक बनाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रही है। इसके लेकर ग्रामीणों ने कई बार आंदोलन किया है। उन्होंने 54 दिन तक क्रमिक अनशन भी किया। इसके बावजूद अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने 28 हजार से अधिक लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल ब्लॉक बनाने की मांग पूरी करने की गुहार लगाई।

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रेल संघर्ष समिति ने समर्थन दिया

बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना ब्लॉक की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे धूराफाट और रीठागाड़ के ग्रामीणों को रेल संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी, खड़क राम तथा प्रमोद मेहता ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों की अनदेखी कर रही है। जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने शीघ्र कठपुड़ियाछीना को अलग ब्लॉक नहीं बनाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

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  • Web Title:The villagers announced the battle for the battle