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बागेश्वर में बारिश ने बढ़ाई दुश्वारियां

बारिश ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बिजली, पानी और सड़क से लोग जूझ रहे हैं। अलबत्ता जिला प्रशासन लोगों की समस्या का समाधान करने में असफल साबित हुआ है। आपदा प्रबंधन का दावा भी जमीन पर नहीं उतर पा रहा है। बारिश ने आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है। दर्जन से अधिक सड़कों पर अभी भी मलबा पड़ा हुआ है। बारिश होते ही सड़कें बंद हो रही हैं। जिससे शहर से लेकर गांव तक यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है। वहीं पानी की अधिकतर योजनाएं गंदा पानी सप्लाई कर रही हैं। नदियों में सिल्ट आने से योजनाएं प्रभावित हो गईं हैं। बिजली भी लोगों को घंटों परेशान कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक कटौती हो रही है। कपकोट के दर्जन से अधिक गांव बिजली नहीं होने से परेशान हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों की पोल खुल गई है। मानवाधिकार संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एनबी भट्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग कागजों पर चल रहा है। स्टाफ की भारी कमी है। संविदा कर्मी के हवाले विभाग है। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत कुछ और है। जबकि कागजों में आपदा प्रबंधन हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुंवारी गांव पांच महीने से बेघर है। गांव के लोग सड़कों पर आंदोलन करने को उतर रहे हैं। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि कुंवारी गांव के लोगों को आटा, चावल और कुकर देकर जिला प्रशासन ने वापस कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह ढकोसला कब तक चलेगा। उन्होंने कहा कि पुर्नवास की बांट जोह रहे ग्रामीणों के लिए यह राशन ऊंट के मुंह में जीरा है। गांव की प्रसव पीड़िताओं का अभी तक कोई ठोस प्रबंध नहीं हो सका है। महिलाओं को शिफ्ट करने की बात भी कागजों में हो रही है। उन्होंने कहा कि कुंवारी के लोग रोज आपदा से जूझ रहे हैं। इधर जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने कहा कि आपदा पीड़ितों को हरसंभव मदद की जा रही है। सड़क, पानी, बिजली त्वरित गति से सुधर रही है।

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  • Web Title:Rain lashes in Bageshwar