
मकर संक्रांति पर लगी बाबा के द्वार श्रद्धालुओं की भीड़
जिले में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। लोगों ने सुबह गंगा स्नान कर बागनाथ समेत विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की।
बागेश्वर, संवाददाता। जिले में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने सुबह गंगा स्नान कर बागनाथ समेत विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। माघ की खिचड़ी का भोग लगाया। इसके अलावा सूरजकुंड, सैंज, अग्निकुंड में सुबह से ही लोग अपने बच्चों के मुंडन तथा जनेऊ संस्कार करने के लिए पहुंचने लगे। यह सिलसिला अपराह्न दो बजे तक चलता रहा। प्रवासी भी अपने बच्चों के उपनयन संस्कार के लिए यहां आए हैं। गंगा स्नान व धार्मिक कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। शुक्रवार की सुबह चार बजे से लोग गंगा स्नान कर बागनाथ मंदिर, काल भैरावनाथ, बाणेश्वर, बैणीमाधव मंदिर में पहुंचने लगे।
यहां पूजा-अर्चना के साथ उन्होंने परिवार, देश तथा समाज की सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा सूरजकुंड, अग्निकुंड तथा सरयू तट पर जनेऊ संस्कार, मुंडन तथा चूड़ाकर्म कराने वालों की भीड़ रही। पुरोहितों ने पूजा-अर्चना के साथ मंगल कार्य पूरे किए। बागेश्वर के अलावा अन्य जिलों से भी लोग वाहन बुक कराकर यहां पहुंचे। पंडित हेम चंद्र जोशी ने बताया कि मार्कण्येय ऋषि की तपोभूमि होने के इसे कुमाऊं की काशी कहा जाता है। यहां जनेऊ संस्कार का उतना ही महत्व है, जितना प्रयागराज में करने का है। अब तीन दिनों तक स्नान करेंगे। जिसे त्रिमाघी कहते हैं।

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