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किरसाण महोत्सव पलायान रोकने में होगा मददगार

जंगली जानवरों के आतंक व सरकारों की बेरुखी के चलते जहां आज लोग खेती से मुंह मोड़ने लगे हैं। वहीं कत्यूर घाटी में आयोजित हो रही किरसाण प्रतियोगिता...

किरसाण महोत्सव पलायान रोकने में होगा मददगार
हिन्दुस्तान टीम,बागेश्वरSun, 03 Dec 2023 10:45 PM
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जंगली जानवरों के आतंक व सरकारों की बेरुखी के चलते जहां आज लोग खेती से मुंह मोड़ने लगे हैं। वहीं कत्यूर घाटी में आयोजित हो रही किरसाण प्रतियोगिता लोगों को खेती से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खेती के वैज्ञानिक तौर-तरीकों को समझने और पलायन रोकने में यह प्रतियोगिता मददगार साबित हो रही है।
कत्यूर घाटी के द्यौनाई क्षेत्र में हितैषी संस्था के सचिव डॉ किशन राणा ने वर्ष 2016 में इस प्रतियोगिता की शुरुआत की। पिछले सात साल से आयोजित हो रही किरसाण प्रतियोगिता किसी सरकारी इमदाद से नहीं, बल्कि जन सहयोग से आयोजित की जाती है।महानगरों के भौतिकवादी जीवन को छोड़कर कत्यूर घाटी की भगरतोला न्याय पंचायत में सात साल पूर्व चालीस ग्राम सभाओं के ग्रामीणों को खेती से जोड़ने की डॉ किशन राणा की यह अनूठी मुहिम अब रंग लाने लगी है। हितैषी संस्था के सचिव डॉ किशन राणा द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर शुरु की गई यह प्रतियोगिता अब दो जिलों में फैल गई है।

दो दिवसीय आठवीं किरसाण प्रतियोगिता आगामी दिसंबर माह में न्याय पंचायत पिंगलों में आयोजित की जाएगी।यह जानकारी देते हुए आयोजक डॉ किशन राणा ने बताया कि प्रथम दिन शगुन आंखर होंगे।परिचय होगा। सांस्कृतिक रैली निकाली जाएगी।द्वितीय दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और किरसाणों से बातचीत होगी। फाइनल प्रतियोगिता होगी। किरसाणों को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार 15000 रुपए,द्वितीय 12000 रुपए और तृतीय पुरस्कार 10000 रुपए का दिया जाएगा। कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी।

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