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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने उपभोक्ता से मांगी लिखित मांगी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने उपभोक्ता से मांगी लिखित मांगी

अधिकारियों का अपने ही कर्मचारियों को संतोषजनक उत्तर नहीं देना स्थानीय प्रबंधक के लिए गले की फांस बन गया। ऑनलाइन भुगतान के बावजूद उपभोक्ता से सिलेंडर के नगद रुपये लेने के मामले में उन्हें ही अंतत लिखित माफीनामा भी लिखना पड़ा। इस मामले में आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान की खबर का बड़ा असर हुआ है। इंडेन गैस सर्विस ने उपभोक्ता से लिए नगद रुपये लौटा दिए हैं। उन्हें हुई मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए लिखित माफी भी मांगी है। मालूम हो कि तहसील रोड निवासी उपभोक्ता उमेश दुबे को एक रसोई गैस सिलेंडर पाने के लिए दो बार भुगतान करना पड़ा था। उन्होंने 22 अप्रैल को ऑनलाइन रिफिल बुक करने के साथ ही भुगतान भी कर दिया था। दूसरे दिन स्थानीय गैस एजेंसी ने उनके घर सिलेंडर पहुंचाया और नगद रुपये भी ले लिए। गैस सर्विस के प्रबंधक ने उनके खाते में भुगतान नहीं होने की बात कही, जबकि बैंक के स्टेटमेंट के अनुसार उनकी धनराशि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के खाते में जा चुकी थी। 25 दिन तक लगातार गैस कार्यालय के चक्कर काटकर परेशान हो चुके उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोरम जाने की चेतावनी दी। उनकी परेशानी को हिन्दुस्तान ने 18 मई के अंक में ऑनलाइन भुगतान के बाद भी नगद मिला सिलेंडर शीर्षक से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पूर्ति विभाग ने उपभोक्ता की समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। कंपनी ने भी गैस प्रबंधक पर दबाव बढ़ाया। जिसके बाद उपभोक्ता को मनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। आखिरकार प्रबंधक और स्टाफ के कर्मचारी दुबे के घर पहुंचे। उनको हुई मानसिक परेशानी के लिए खेद जताया। उनसे केएमवीएन के लेटर पैड पर लिखित रूप में माफी भी मांगी। उपभोक्ता दुबे ने समस्या के निदान के लिए हिन्दुस्तान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकार के लिए जागरूक होना पड़ेगा। तभी वह इस तरह की परेशानियों से बच सकता है।

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  • Web Title:Indian Oil Corporation sought written permission from the consumer