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बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन को लेकर क्रमिक अनशन जारी

बागेश्वर-टनकपुर रेलमार्ग निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति का आंदोलन जारी रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि अगर शीघ्र रेल मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो सरकार को आगामी चुनावों में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

बुधवार को रेल समिति के सदस्य तहसील परिसर में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। क्रमिक अनशन में श्माम बिहारी और दीवान राम बैठे। अनशन स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सामरिक महत्व के इस रेलमार्ग के निर्माण को लेकर अंग्रेजों के शासन काल में सर्वे हुआ था। लेकिन आजादी के 70 सालों के बाद भी इस रेलमार्ग का निर्माण नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि रेलमार्ग के निर्माण की मांग को आंदोलनकारी 15 अगस्त से क्रमिक अनशन में बैठे हुए। लेकिन ये केंद्र सरकार की हठधर्मिता ही है। कि वह आंदोलन को नजर अंदाज कर रही है। जिसका खामियाजा सरकार को आगामी लोकसभा के चुनावों में भुगतना पड़ेगा। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद भंडारी ने कहा कि केंद्र सरकार को शीघ्र रेलमार्ग के निर्माण को लेकर बजट का प्रावधान करना चाहिए। सभा की अध्यक्षता नीमा दफौटी व संचालन खड़कराम आर्य ने किया। यहां सरस्वती गैलाकोटी, गोविद कांडपाल, डुंगर सिंह नेगी, हेमा जोशी, गिरीश लाल, रमेश प्रकाश पर्वतीय, पार्वती देवी, डीआर आर्या, दिनेश लोहनी, मोहन जोशी, प्रताप सिंह, केवल सिंह ड्योड़ी मौजूद रहे।

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  • Web Title: If the railroad is not built then the consequences will be severe