Himalayan Passes Are Keeping Three Mountaineers - लद्वाख से उत्तराखंड तक फैले हिमालयी दर्रों को नाप रहें हैं तीन पर्वतारोही DA Image

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लद्वाख से उत्तराखंड तक फैले हिमालयी दर्रों को नाप रहें हैं तीन पर्वतारोही

भारत के हिमालयी क्षेत्रों में बसे गांवों को पर्यटन से जोड़ और उनकी आर्थिक स्थित को मजबूत करने के इरादों से तीन युवा पर्वतारोही लद्दाख से उत्तराखंड तक फैले पश्चिमी हिमालयी दर्रों को नाप रहे हैं। यह दल अपने यात्रा अभियान में बीस दर्रे, जिसमें 5950 मीटर उंचे कालिंदी पास को पार कर लगभग 870 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुके हैं। वेस्टर्न हिमालयन ट्रेवर्स का यह दल अब अपने अभियान के अंतिम चरण में है। अगले कुछ दिनों में नेपाल के बॉर्डर धारचूला में पहुंचेंगे। जहां इनकी यात्रा समाप्त होगी। पर्वतारोही भारत भूषण ने ट्रेवर्स यात्रा मार्ग में जोहार घाटी के बुंई गांव से फोन से बताया कि वेस्टर्न हिमालयन ट्रेवर्स के इस अभियान में उनके अलावा प्रणव रावत और शेखर सिंह शामिल हैं। उन्होंने लद्वाख के मार्खा वैली में चिलिंग ब्रिज से 27 अगस्त को अपनी यात्रा शुरू की थी। रूमसे, शोकर लेक, सुमररी लेक और 5580 मीटर ऊंचे पारंगला को पार कर उनके दल ने हिमांचल की घाटी में प्रवेश किया। मुद से काफलू गांव, करछम होते हुए सांगला निकले और लमखागा होते हुए उत्तराखंड के हर्षिल में पहुंचे। यहां से गंगोत्री से होते हुए 5950 मीटर कालिंदी पास को पार किया। उन्होंने बताया कि गढ़वाल में ऑली से चलने के बाद इस दल ने पाणा, आला, सिथेल, कनोल, वान, अली बुग्याल, हिमनी गांव होते हुए कुमाउं की दानपुर घाटी में सोराग होते हुए खाती गांव में प्रवेश किया। इसके बाद जोहार घाटी में लीलम गांव होते हुए उनकी आगे की यात्रा जारी है। इस दल के युवा पर्वतारोही उत्तराखंड में हिमालय के सीमांत गांवों से होते हुए जा रहे हैं। अपने पड़ाव में वो गांव में रूक कर ग्रामीणों समेत स्कूलों में इस यात्रा के महत्व के बारे में संदेश भी देते जा रहे हैं। साथ ही पर्यटकों की आवाजाही से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की जानकारी दे रहे हैं। भारत भूषण ने बताया कि विदेशों में कई तरह के हिमालयी यात्रा मार्ग हैं, जिन्हें ट्रेल कहा जाता है। नेपाल में ग्रेट हिमालियन ट्रेल तो विश्व प्रसिद्व है। यहां हजारों की तादाद में पर्यटक आते हैं। इसके अलावा यूएस में पेसिफिक क्रेस्ट ट्रेल भी काफी प्रसिद्व है। उन्होंने बताया कि वेस्टर्न हिमालयन ट्रेवर्स का यह ट्रेल काफी सुंदर और रोमांचक है। इस पैदल साहसिक ट्रेल मार्ग में रेगिस्तान, बर्फिले पहाड़, ग्लेशियर के साथ ही हरियाली के दीदार होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भी भारत में लद्दाख, हिमांचल और उत्तराखंड में ट्रेल को बढ़ावा देना है, ताकि हिमालयी क्षेत्रों में बसे लोगों को भी आय बढ़ सके।

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  • Web Title: Himalayan Passes Are Keeping Three Mountaineers