DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कपकोट-गरुड़ के जंगलों में आग से वन संपदा खाक

कपकोट-गरुड़ के जंगलों में आग से वन संपदा खाक

कपकोट और गरुड़ के जंगल धधक रहे हैं। इससे बेशकीमती वन संपदा को नुकसान हो रहा है। वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम साबित हुआ है। धुंआ फैलने से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ गया है। इससे लोग भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द आग बुझाने की गुहार लगाई है।

कपकोट के फुलवारी और कर्मी के जंगलों की आग तीसरे दिन भी नहीं बुझी है। आग की चपेट में खलीधार, सापुली, गुठन, थंगधार, कर्मी, पेठी आदि के जंगल में तीन दिन से आग लगी है। जिससे चीड़, बांज, बुरांश, उतीस, रिंगाल सहित तमाम चारा प्रजाति के पौधों का नुकसान हो रहा है। जड़ी बूटियों के पेड़-पौधे भी जलकर खाक हो गए हैं। आग लगने से क्षेत्र का तापमान लगातार बढ़ रहा है। जिससे गांवों के पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। पूरा क्षेत्र धुंए की चपेट में है। जिससे सांस और आंखों की बीमारी बढ़ रही है। इधर गरुड़ के अमोली, वज्यूला, फल्यांटी, लोहारचौंरा, पिंगलो आदि के जंगल भी सुलग रहे हैं। जंगलों में फायर सीजन शुरु होने से पहले से आग लगने का सिलसिला जारी है। जिससे वन्य जीवों पर भी संकट पैदा हो गया है। हिंसक जानवरों का रुख गांवों की ओर हो गया है। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक फैला है। ग्रामीण शेर सिंह, प्रकाश जोशी, ख्याली दत्त जोशी, हरीश राम, महेश राम, पार्वती देवी, सरस्वती देवी, तारा देवी, कमला देवी आदि ने वन विभाग से जल्द आग पर काबू पाने की गुहार लगाई। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। इधर डीएफओ आरके सिंह ने कहा कि वन विभाग की टीम आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। फायर वॉचर और ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Forest property kiosks with fire in the forests of Kapkot-Garuda