तिरपतकोट के जंगल में लगी आग
तिरपतकोट जंगल में अचानक आग भड़क गई, जिससे आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी और आग पर काबू पाया गया। स्थानीय निवासी दीपक गढ़िया ने आरोप लगाया कि जंगलों में जानबूझकर आग लगाई जा रही है, जिससे पर्यावरण और पेयजल संकट बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने ठोस कदम उठाने की मांग की।
तिरपतकोट जंगल में बीती रात अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग तेजी से फैलते हुए चीरबगड़, डोडिला, कन्यूटी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी, जिससे आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल वन विभाग को आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटें तेज होने और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने रहे। स्थानीय निवासी दीपक गढ़िया ने आरोप लगाया कि जंगलों में जानबूझकर रात के समय आग लगाई जा रही है, जिससे क्षेत्र की हरियाली लगातार नष्ट हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि जंगल नहीं बचेंगे तो आने वाले समय में पेयजल संकट गहराना तय है। जंगलों की सुरक्षा को ठोस कदम उठाने की मांग बागेश्वर। पुंगर घाटी के भैरूचौबट्टा क्षेत्र के जंगल धधक रहे हैं। इसके कारण पर्यावरण पर खतरा मंडराने लगा है। पुंगर नदी का जलस्तर भी घटने लगा है। इस कारण ग्रामीण चिंतित हैं। उन्होंने हरियाली छीनने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासी हरीश कालाकोटी, एडवोकेट राजेश रौतेला आदि ने कहा कि जंगलों में आग लगने से प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ रहा है। जंगलों की हरियाली सिमटती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर जंगलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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