Due to the two peak schemes - दो पेजयल योजनाओं के बाद भी लोगों के हलक सूखे DA Image
19 फरवरी, 2020|1:34|IST

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दो पेजयल योजनाओं के बाद भी लोगों के हलक सूखे

दो पेजयल योजनाओं के बाद भी लोगों के हलक सूखे

क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पेयजल किल्लत है। कहने को यहां के लिए दो पेयजल योजनाएं बनी हैं, लेकिन लोगों को प्यास बुझाने के लिए प्राकृतिक स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिससे उनके अन्य कामकाज और दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं ने जल संस्थान से मांग के अनुरूप पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है।

गर्मी शुरू होते ही पेयजल योजना के स्रोत का पानी कम होने लगता है। जिससे क्षेत्र में पीने के पानी का संकट बढ़ जाता है। इस बार भी टीटबाजार, भकुनखोला, नौघर, सेलीहाट, गड़सेर, बैजनाथ, फुलवारीगूंठ आदि गांवों में पेयजल किल्लत होने लगी है। यहां करीब तीन हजार की आबादी निवास करती है। जिन्हें पानी के लिए हैंडपंप या नौघर स्थित एकमात्र प्राकृतिक धारे की शरण लेनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। विभाग को कई बार लिखित में भी समस्या से अवगत कराया गया है। इसके बाद भी हालात नहीं सुधर रहे हैं। किशन सिंह, मनोज सिंह, मोहन सिंह, मनोज गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी, कैलाश जोशी आदि ने कहा कि पेयजल योजना पुरानी हो गई है। कई स्थानों पर पाइप लाइन में रिसाव हो रहा है। क्षेत्र की आबादी भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे लोगों की पानी की आवश्यकता भी अधिक हो गई है, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि पानी एकत्र करने के चलते रोजाना के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। लोग रतजगा करने को भी मजबूर हैं। इस दौरान उन्होंने जल्द पेयजल संकट से निजात दिलाने को कहा। कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

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इनसेट कोट-

गर्मी बढ़ने के साथ स्रोत का पानी कम होने लगता है। जिससे क्षेत्र में पेयजल किल्लत हो रही है। उपभोक्ताओं को अन्य माध्यमों से पेयजल उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

- अशोक कुमार भट्ट, एई जल संस्थान, गरुड़।