झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ हो कार्रवाई: आकांक्षा
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी प्रवर्तन की बात की। जन औषधि केंद्रों को संचालित करने और शत-प्रतिशत एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण को बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। बैठक में कई विभागों के अधिकारी शामिल थे।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भाधान पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) के तहत प्रभावी प्रवर्तन करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी एक माह के भीतर सभी जन औषधि केंद्रों को पूर्ण रूप से संचालित कराने को कहा। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत 30 जनवरी तक शत-प्रतिशत एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह निर्देश मंगलवार को आयोजित चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण को लेकर उन क्षेत्रों (पॉकेट्स) की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां पंजीकरण कम हो रहे हैं।
उन्होंने शत-प्रतिशत एएनसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की एसीएमओ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर नियमित एवं प्रभावी समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में हुए स्किल्ड बर्थ एवं उनसे संबंधित मृत्यु के आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए निरंतर एवं प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर रोस्टर बनाते हुए दिव्यांग बच्चों का चिह्नीकरण, दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमओ डॉ. आदित्य तिवारी, एसीएमओ दीपक कुमार, समाज कल्याण अधिकारी जस्मीत कौर, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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