‘युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले’
जौलकांडे में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम ने युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलीं। इसमें 18 युवाओं ने भाग लिया और पक्षियों की पहचान, व्यवहार और आवास के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने उन्हें बर्ड वॉचिंग और इको-टूरिज्म में करियर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया।
नगर मुख्यालय से करीब सात किमी दूर जौलकांडे में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल गया। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में जौलकांडे, बागेश्वर और कौसानी के 18 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पहली बार बर्ड वॉचिंग से जुड़े युवाओं को पक्षियों की दुनिया से परिचित कराया गया। उन्हें पक्षियों की पहचान के साथ-साथ इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की भी जानकारी दी गई। रामनगर से आए पक्षी विशेषज्ञ राजेश भट्ट और कोटद्वार के छायाकार व लेखक राजीव बिष्ट ने प्रतिभागियों को बेसिक और एडवांस स्तर का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण सत्रों में दूरबीन के उपयोग, पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और आवास की जानकारी दी गई। फील्ड विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने प्राकृतिक वातावरण में पक्षियों का अवलोकन कर उनकी गणना भी की। कक्षा सत्रों में देखे गए पक्षियों की प्रजाति, व्यवहार और विशेषताओं पर विस्तृत नोट्स तैयार किए गए। शनिवार और रविवार को जौलकांडे और आसपास के क्षेत्रों में कुल 52 प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया गया, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तराखंड में बर्ड वॉचिंग और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, जहां प्रशिक्षित युवा गाइड, नेचर इंटरप्रेटर और फोटोग्राफर के रूप में करियर बना सकते हैं।
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