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सुविधाओं को लेकर बाछम के ग्रामीणों का प्रदर्शन

सुविधाओं को लेकर बाछम के ग्रामीणों का प्रदर्शन

राज्य सभा सांसद के गोद लेने के बाद भी बाछम गांव की मूलभूत समस्याओं का निदान नहीं हुआ है। यहां के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सड़क जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम दफ्तर में प्रदर्शन किया। इसके बाद सीईओ दफ्तर का घेराव करके शिक्षकों की तैनाती की मांग की।

राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने बाछम गांव गोद लिया है। इसके बाद भी गांव का कायाकल्प नहीं हुआ है। खफा ग्रामीण बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन देकर समस्याओं के निदान की मांग उठाई। उन्होंने बाछम गांव में पोस्ट ऑफिस और सीवीसी बैंक की स्थापना करने, मोबाइल सेवा प्रदान करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के सभी परिवारों को अब तक ऊर्जा निगम ने कनेक्शन नहीं दिया है। ग्रामीणों ने देवीकुंड, नाकुंडा, सुंदरढूंगा को छठा धाम घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांव को सांसद आदर्श गांव का दर्जा दिया गया है परंतु अब भी समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने जूनियर हाईस्कूल बाछम का उच्चीकरण करने और रिक्त पदों पर अध्यापकों की तैनाती की मांग की। डीएम रंजना राजगुरु ने गांव की समस्याओं के निदान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे और अध्यापकों की तैनाती की मांग को लेकर उनका घेराव किया। कहा कि वर्तमान में विद्यालय में 65 बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने जूनियर हाईस्कूल बाछम का उच्चीकरण करने व अध्यापकों की तैनाती किए जाने की मांग की। सीईओ ने कहा कि शासन से शिक्षक मिलते ही शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान आनंद राम, लीला देवी, रतन सिंह, दिगंबर सिंह, चंदन सिंह, तारा सिंह, भगवत सिंह, लोकपाल सिंह, गोविंद राम, भगवत सिंह, धीरेंद्र सिंह, खिमुली देवी, जवाहर सिंह आदि शामिल थे।

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  • Web Title: Bachham villagers showcase the facilities