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1 अक्तूबर, 2020|1:00|IST

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कपकोट में 42 मिमी बारिश, गरुड़ में ओलावृष्टि का कहर

कपकोट में 42 मिमी बारिश, गरुड़ में ओलावृष्टि का कहर

1 / 3अप्रैल के अंतिम दिवस जिले में मौसम का कहर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में देर शाम से आधी रात तक मूसलाधार बारिश...

कपकोट में 42 मिमी बारिश, गरुड़ में ओलावृष्टि का कहर

2 / 3अप्रैल के अंतिम दिवस जिले में मौसम का कहर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में देर शाम से आधी रात तक मूसलाधार बारिश...

कपकोट में 42 मिमी बारिश, गरुड़ में ओलावृष्टि का कहर

3 / 3अप्रैल के अंतिम दिवस जिले में मौसम का कहर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में देर शाम से आधी रात तक मूसलाधार बारिश...

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अप्रैल के अंतिम दिवस जिले में मौसम का कहर देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में देर शाम से आधी रात तक मूसलाधार बारिश हुई। गरुड़ क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई। वहीं, जिले के अन्य स्थानों में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ने की सूचना से नगरवासी भी देर रात तक सहमे रहे। इधर, बारिश के चलते गरुड़ क्षेत्र के लोगों को बिजली संकट का भी सामना करना पड़ा।

गुरुवार देर शाम से भारी गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई तो रूकने का नाम ही नहीं लिया। कत्यूर घाटी के छत्यानी, मजकोट में जमकर ओले गिरे। पूरा क्षेत्र आलों की सफेद चादर से पट गया। जिससे खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से तबाह हो गई। इधर, जिला मुख्यालय में भी देर रात तक हुई भारी बारिश से लोग सहम गए। कपकोट तहसील में भी शाम से देर रात तक भीषण बारिश होती रही। जिसके चलते छोटे गधेरे उफान पर आ गए। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों पर तक खेत पूरी तरह से बारिश के पानी से लबालब भर गए। गधेरों का पानी उफनकर सड़कों पर बहने लगा। करीब चार घंटे बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ हुई बारिश ने लोगों को अनहोनी की आशंका से भर दिया। जिले की अन्य तहसीलों में भी कमोबेश यही हालात रहे। बेमौसमी बारिश से सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। ओलावृष्टि और बारिश से जहां गेहूं, जौं, मसूर आदि फसलों को नुकसान हो रहा है। आम, खुबानी सहित अन्य फलों पर भी मौसम की मार पड़ी है। जिसके चलते काश्तकारों की मेहनत पर पानी फिर गया है। ------------------

कहां कितनी बारिश

स्थान बारिश(मिमी में)

कपकोट 42.50 मिमी

गरुड़ 30 मिमी

बागेश्वर 12.50 मिमी

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सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट

बागेश्वर। गरुड़ और कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश होने से सरयू और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिसकी सूचना मिलते ही नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया जाने लगा। तहसील और पुलिस प्रशासन ने चैलेंजर के माध्यम से लोगों को सजग और सतर्क रहने को कहा। उन्हें नदी किनारे जाने से बचने को कहा। इधर, नदी किनारे के लोगों ने भी आधी रात तक रतजगा कर जल्द बारिश बंद होने की दुआ मांगी। हालांकि बारिश बंद होने के बाद नदियों के वेग में भी कमी आई।

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पेयजल आपूर्ति भी हुई प्रभावित

बागेश्वर। सरयू, गोमती और अन्य नदियों में बारिश के चलते आई बाढ़ ने पेयजल आपूर्ति को भी प्रभावित किया। नगर के जखेड़ा और अमसरकोट पेयजल योजना से गंदे पानी की आपूर्ति हुई। जिससे लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। इधर, गरुड़ और कपकोट के कुछ स्थानों में भी नल से साफ पानी नहीं आने पर उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

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खुनौली-रणकांडा सड़क बंद

बागेश्वर। बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कें मलबे से पट गई। खुनौली-गवाड़-रणकांडा सड़क पर भारी मलबा आने से बंद हो गया। जिसके चलते ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित है। इधर, गिरेछीना सड़क पर द्वारिकाछीना के पास भी बारिश के चलते कीचड़ होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बालीघाट-धरमघर मोटर मार्ग पर नाघर के पास बने पुलिस का अपरमेंट ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गया है।

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इनसेट कोट-

गुरुवार रात जिले में भारी बारिश से बंद हुई सड़क को खोलने का काम चल रहा है। बिजली और पेयजल की दिक्कत को भी संबंधित विभाग सुचारू कर रहे हैं। जल्द ही सभी सेवाओं को सुचारू करा दिया जाएगा।

- शिखा सुयाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी।

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