बदरीनाथ चोरी कांड में अकेला नहीं प्रमोद नौटियाल, 29 जून से 2 जुलाई की फुटेज सबसे अहम
बदरीनाथचोरी कांड में प्रमोद नौटियाल अकेला नहीं था। जांच टीम का दायरा अब बढ़ रहा है। मामले में एक अन्य को आरोपी बनाया जा रहा है। साथ ही 29 जून से 2 जुलाई के बीच की सीसीटीवी फुटेज अहम है।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे अब पिछले कई सालों तक की गड़बड़ियों की कलई खुलना तय माना जा रहा है। प्रमोद नौटियाल संग कई और कर्मचारियों के ऊपर भी संदेह बढ़ता जा रहा है। अभी तक दान चोरी प्रकरण में सिर्फ प्रमोद नौटियाल की ही गिरफ्तारी हुई है। पुलिस जांच में पहले ही कई अन्य कर्मचारी, अधिकारियों पर संदेह जताया गया है। जांच में सामने आया है कि प्रमोद नौटियाल की तो दान गणना रोस्टर में 2025 से ही ड्यूटी लगना शुरू हुई है। कई और कर्मचारी पिछले कई वर्षों से दान गणना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पुलिस एक और संदिग्ध को बनाने जा रही आरोपी
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी में प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस मामले में एक और नया आरोपी बनाने जा रही है। जल्द ही केस डायरी में नए आरोपी का नाम खोला जाएगा। पूर्व में खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी के साथ जो अन्य संदिग्ध चेहरे नजर आए, नया आरोपी उन्हीं में से एक है।
29 जून से 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज अहम
तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए जांच टीम ने गुरुवार को मंदिर परिसर का दूसरा नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर यानी एनवीआर भी अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस दूसरे एनवीआर में 28 जून से लेकर 10 जुलाई तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित हैं। पुलिस ने पहले पुराना एनवीआर भी जब्त किया था। इस नए जब्त किए गए एनवीआर में 29 जून और दो जुलाई को हुई चढ़ावा गणना की अहम फुटेज है। हालांकि, पुलिस टीम दो जुलाई की फुटेज की बारीकी से जांच पहले कर चुकी है।
जांच दल अब 28 जून से 10 जुलाई के बीच की पूरी अवधि की रिकॉर्डिंग को फ्रेम-दर-फ्रेम खंगालेगा, ताकि बदरीनाथ में चढ़ावा चोरी के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके और इसमें शामिल हर चेहरे को पहचान जा सके।
प्रमोद नौटियाल को हाई कोर्ट से झटका
हाईकोर्ट ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की याचिका को सरकार का पक्ष सुनने के बाद निरस्त कर दिया। नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश, दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। गुरुवार को हाईकोर्ट में आरोपी की याचिका पर न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा, जब गिरफ्तारी हो गई तो रोक संबंधित याचिका का औचित्य नहीं है।
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