Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़Babli Khatun Turns Into Bhumi Sharma 2500 Racket Exposed for Settling Bangladeshis in India
बबली खातून भूमि शर्मा तो ममून सचिन चौहान; बांग्लादेशियों को बसाने वाले गिरोह के दिल्ली तक तार

बबली खातून भूमि शर्मा तो ममून सचिन चौहान; बांग्लादेशियों को बसाने वाले गिरोह के दिल्ली तक तार

संक्षेप:

देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत बांग्लादेशी महिला को पकड़ा है। यह महिला ढाई हजार रुपए में भारतीय बन गई और कई सालों से देहरादून में रह रही थी। सरकारी राशन खाया और फ्री ऑपरेशन भी कराया।

Nov 26, 2025 12:22 pm ISTGaurav Kala देहरादून
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देहरादून में बांग्लादेशियों की फर्जी पहचान का ऐसा खेल उजागर हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। सिर्फ ढाई हजार रुपए में बबली खातून ‘भूमि शर्मा’ बन गई… और ममून ‘सचिन चौहान’। आधार कार्ड से लेकर राशन कार्ड, वोटर ID और आयुष्मान तक सब कुछ चुटकियों में तैयार। बांग्लादेशियों को फर्जीवाड़े से भारतीय बनाकर बसाने वाले इस गिरोह के तार दिल्ली से जुड़े हैं। पूछताछ में आरोपियों ने दिल्ली में बैठी किसी सोफिया दीदी का नाम लिया है। बताया कि उन्होंने पूरी मदद की। देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत बांग्लादेशियों को दबोचा है। एक अन्य मामले में बिना भारतीय दस्तावेज के दून में रहकर मजदूरी कर रही बांग्लादेशी महिला पकड़ी गई। सभी मामलों में अलग-अलग कानूनी कार्रवाई हुई है।

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मंगलवार को एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि आशीर्वाद एन्क्लेव, देहराखास पटेलनगर में बांग्लादेशी महिला भारतीय दस्तावेज बनाकर रहने की सूचना मिली। सोमवार को पुलिस और इंटेलिजेंस टीम ने दबिश दी। मौके से बबली खातून उर्फ भूमि शर्मा (28 वर्ष) मूल निवासी बांग्लादेश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि 2021 के कोविड काल में वह अवैध रूप से बांग्लादेश की सीमा पार करके भारत आई थी। वर्ष 2021 में देहरादून पहुंचने के बाद उसने 2022 में अधोईवाला, सहस्रधारा रोड के पते का आधार कार्ड बनाया, जिसमें खुद को दिनेश शर्मा नाम के व्यक्ति की पत्नी दिखाया। यह दिनेश शर्मा अभी पुलिस को मिला नहीं है। आधार कार्ड बनने के बाद भूमि शर्मा नाम से दून में राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिए। तलाशी में यह दस्तावेज और बांग्लादेशी पहचान पत्र (नाम बबली बेगम) भी बरामद हुआ है। महिला के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में फर्जीवाड़े से भारत आकर दस्तावेज बनाने, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा गया। महिला करीब ढाई महीने से आशीर्वाद एन्क्लेव में किराये पर रह रही थी।

वहीं, कारगी रोड, कालिंदी विहार फेज-दो से एक अन्य बांग्लादेशी महिला बॉबी खातून (41 वर्ष) को पुलिस ने हिरासत में लिया। उसने बताया कि वह वर्ष 2023 में अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आई थी। देहरादून में मजदूरी करके गुजारा कर रही थी। उसके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट की छायाप्रति मिली है। महिला को जल्द वापस डिपोर्ट किया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि इस वर्ष अब तक फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से रह रहे आठ बांग्लादेशी नागरिक जेल भेजे जा चुके हैं। नौ अन्य को वापस डिपोर्ट कराया गया है।

ममून को सचिन बनाने वाली पार्लर संचालिका से पूछताछ

बीते दिनों नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने बांग्लादेशी ममून को गिरफ्तार किया था। वह यहां सचिन चौहान बन गया था। वर्ष 2021 में इसका मतदाता पहचान पत्र भी सहस्रधारा रोड ब्राह्मणवाला खाला इलाके का बना। इसके दस्तावेज बनाने में खुशबू आलम उर्फ मंजू दीदी की भूमिका सामने आई है। जिसने 15 हजार रुपये लेकर वोटर कार्ड बनवाया था। इसके बाद ममून ने सचिन चौहान नाम के अन्य दस्तावेज हासिल किए। इस मामले में नेहरूकॉलोनी थाना पुलिस ने मंजू दीदी से पूछताछ की। वह रायपुर थाना क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर संचालित करती है। उसकी भूमिका पर जांच चल रही है।

दिल्ली में रह रही सोफिया दीदी के जरिए पहुंची दून

बबली खातून को दून आकर भारतीय दस्तावेज बनाने का रास्ता दिल्ली में रह रही बांग्लादेश की सोफिया दीदी नाम की महिला ने दिया। बबली खातून से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कोविड काल में बांग्लादेश में हालत काफी खराब थे। इस दौरान वह दिल्ली में रही बांग्लादेशी सोफिया के संपर्क में आई। जिसने चोरी से सीमा पार कर भारत आने को कहा। उसने वह स्थान भी बताया जहां से चोरी से भारतीय सीमा में प्रवेश कराया जाता था। 2021 में बार्डर क्रास किया तो बबली दिल्ली में सीधे सोफिया दीदी के पास पहुंची। वहां से उसने बबली को दून भेजा। यहां बबली किसके संपर्क में थी, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है।

बबली खातून ने देहरादून में सरकारी राशन लेने के साथ आयुष्मान कार्ड से पथरी का मुफ्त इलाज भी कराया। बबली ने दून आकर 2021 में अधोईवाला के पते पर सबसे पहले आधार कार्ड बनवाया, जिसमें अधोईवाला सहस्रधारा रोड का पता दर्ज है। बबली के बांग्लादेश के दस्तावेज में जन्मतिथि दिसंबर 1987 और भारत में वर्ष 2001 दर्ज है।

बबली ने आधार कार्ड बनवाने के बाद वोटर कार्ड, राशन और आयुष्मान कार्ड बनवाया। यह दस्तावेज हासिल करने से पहले बबली खातून छिपकर ही रही। भूमि शर्मा के नाम के दस्तावेज बने तो खुलकर जीने लगी। दस्तावेजों में दिनेश को पति दर्शाया है। हालांकि, राशन कार्ड अकेले यूनिट का बनवाया हुआ है। वह पिछले कई वर्ष से राशन ले रही थी। इस बीच उसके पेट में पथरी हुई। सरकारी खर्च पर ऑपरेशन के लिए इस कार्ड का उपयोग किया।

देहरादून में बांग्लादेशी को बसाने वाले गैंग के सक्रिय होने का संदेह

देहरादून में बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय दस्तावेज बनाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में दून में बांग्लादेशी गैंग को बसाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि, पुलिस अफसरों को कहना है कि अभी किसी गैंग की भूमिका सामने नहीं आई है। अब तक पकड़े गए आरोपियों ने अलग-अलग संपर्क से यहां के दस्तावेज पाए।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें

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