
अंकिता भंडारी मर्डर में कोई VIP नहीं था शामिल, जांच से जुडे़ पुलिस अधिकारी का बड़ा दावा
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी शेखर सुयाल ने दावा किया है कि इस वारदात में कोई वीआईपी शामिल नहीं था। जिसे वीआईपी बताया जा रहा है वह नोएडा का रहने वाला धर्मेंद्र कुमार था जो हत्या से दो दिन पहले रिजॉर्ट में केवल खाना खाने रुका था।
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शेखर सुयाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में कोई वीआईपी शामिल नहीं था। आरोपियों के चैट और अंकिता के मित्र से पूछताछ में जिसे कथित वीआईपी बताया बताया जा रहा था वह नोएडा का रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था जो वीआईपी नहीं था। जांच में पता चला है कि वह किसी काम से अंकिता के मर्डर से 2 दिन पहले क्षेत्र में आया था। वह हत्या से 2 दिन पहले रिजॉर्ट में केवल खाना खाने रुका था।
नोएडा का धमेंद्र कोई वीआईपी नहीं
हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शेखर सुयाल ने संवाददाताओं को बताया कि जांच के दौरान पुलिस नोएडा के रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान तक पहुंची थी। उससे पूछताछ में पता चला कि वह किसी काम से अंकिता की हत्या से 2 दिन पहले क्षेत्र में आया था और वनंत्रा रिजॉर्ट में खाना खाने के लिए कुछ देर रुका था। रिजॉर्ट के रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ में इसकी पुष्टि हुई थी। धर्मेंद्र कोई वीआईपी नहीं है।
उर्मिला सनावर ने लगाए थे आरोप
उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर का हाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था। उर्मिला सनावर ने आरोप लगाया है कि अंकिता हत्याकांड में शामिल 'वीआईपी' भाजपा का 'गटटू' नाम का नेता है। एक अन्य वीडियो में उन्होंने गटटू का नाम भी जाहिर कर दिया था।
वायरल वीडियो ने लाया भूचाल
अंकिता केस में एक 'वीआईपी' को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वीडियो और राठौर के साथ उनकी कथित बातचीत के ऑडियो ने उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या रिटायर न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रही है।
पुलिस अधिकारी का दावा बेहद अहम
अब अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावे के मद्देनजर हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शेखर सुयाल का ताजा दावा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल 2022 में हुए अंकिता हत्याकांड के समय शेखर सुयाल पौड़ी जिले के अपर पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात थे। बाद में शेखर सुयाल हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी के भी सदस्य रहे।

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Krishna Bihari Singhलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




